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Faridabad News: सात प्रतिशत मरीज एक बार ठीक होने के बाद दोबारा टीबी से ग्रस्त हुए
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में टीबी के लगभग आठ हजार मरीज हैं। कई कॉलोनी व गांव ऐसे हैं, जिनमें लगभग सात प्रतिशत मरीज एक बार ठीक होने के बाद दोबारा टीबी से ग्रस्त हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब टीबी विभाग ने सुधार करने के लिए एक अगस्त से 14 अगस्त तक डोर टू डोर सर्वे करने का निर्णय लिया है।
डोर टू डोर सर्वे के दौरान स्वास्थ्य कर्मी सभी के घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच करेंगे। संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में सेहतपुर रोड, भारत कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, मुजेसर, इंदिरा कांपलेक्स, एसी नगर, डबुआ कॉलोनी व संजय कॉलोनी में टीबी के मरीज अधिक हैं। वहीं चंदावली, फतेहपुर तगा, फतेहपुर बिल्लौच, जाजरू, जसाना, पाली, छांयसा, सरुरपुर, कुरैशीपुर, खंदावली, खेड़ी कलां, अटाली, धौज, बड़ौली व भूपानी मोहना से भी टीबी के अधिक मामले आ रहे हैं।
कई रोगी जरा सा ठीक होने के बाद उपचार के दौरान दवाई लेना बीच में ही छोड़ देते हैं। वे पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पाते हैं। सर्वे के दौरान हर सदस्य को पूरी कोर्स लेने को जागरूक किया जाएगा। ऐसे में हमारा प्रयास है कि कोई नागरिक किन्हीं कारणों से दूसरे शहर जाता है, तो टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वहां भी दवा ले सकता है। -डॉ. हरजिंद्र सिंह, जिला टीबी अधिकारी
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फरीदाबाद। शहर में टीबी के लगभग आठ हजार मरीज हैं। कई कॉलोनी व गांव ऐसे हैं, जिनमें लगभग सात प्रतिशत मरीज एक बार ठीक होने के बाद दोबारा टीबी से ग्रस्त हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब टीबी विभाग ने सुधार करने के लिए एक अगस्त से 14 अगस्त तक डोर टू डोर सर्वे करने का निर्णय लिया है।
डोर टू डोर सर्वे के दौरान स्वास्थ्य कर्मी सभी के घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच करेंगे। संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में सेहतपुर रोड, भारत कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी, मुजेसर, इंदिरा कांपलेक्स, एसी नगर, डबुआ कॉलोनी व संजय कॉलोनी में टीबी के मरीज अधिक हैं। वहीं चंदावली, फतेहपुर तगा, फतेहपुर बिल्लौच, जाजरू, जसाना, पाली, छांयसा, सरुरपुर, कुरैशीपुर, खंदावली, खेड़ी कलां, अटाली, धौज, बड़ौली व भूपानी मोहना से भी टीबी के अधिक मामले आ रहे हैं।
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कई रोगी जरा सा ठीक होने के बाद उपचार के दौरान दवाई लेना बीच में ही छोड़ देते हैं। वे पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पाते हैं। सर्वे के दौरान हर सदस्य को पूरी कोर्स लेने को जागरूक किया जाएगा। ऐसे में हमारा प्रयास है कि कोई नागरिक किन्हीं कारणों से दूसरे शहर जाता है, तो टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वहां भी दवा ले सकता है। -डॉ. हरजिंद्र सिंह, जिला टीबी अधिकारी
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