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बच्चों को बचाने के लिए सात लोगों ने कंट्रोल रूम से मांगी मदद
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फरीदाबाद। रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से अपने बच्चों को निकालने के लिए प्रदेश के सात लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर मदद मांगी है। इसमें तीन शिकायतें फरीदाबाद व चार अन्य जिलों की हैं। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिया है कि बच्चों को सरकार सकुशल लेकर आएगी।
फरीदाबाद मंडल के आयुक्त एवं हरियाणा भवन दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर संजय जून की ओर से यूक्रेन में फंसे हरियाणा के छात्रों की सहायता के लिए मंडल आयुक्त कार्यालय फरीदाबाद में राज्य स्तरीय हेल्प लाइन (नियंत्रण कक्ष) स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्प लाइन नंबर 0129-2981617 भी जारी किया गया है। इसका लोगों को लाभ भी मिलने लगा है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार दोपहर तीन बजे तक कंट्रोल रूम में चार शिकायतें मिली हैं जबकि मंगलवार को तीन लोगों ने फोन कर यूक्रेन से अपने बच्चों को सुरक्षित निकालने की सरकार से मांग की थी।
फिरोजपुर कलां निवासी विनोद ने बताया कि बेटा अनीश कुमार यूक्रेन के एक विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यह उसका दूसरा साल है। बेटे से फोन पर लगातार बात हो रही है। रोमानिया पहुंच गया है, लेकिन यूक्रेन में हो रही बमबारी से बहुत डर लग रहा है। हालांकि जहां अभी बेटा है वहां हालात अभी सामान्य हैं।
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डर के साए में तीन दिन से बेटी सोई नहीं
सेक्टर-16 निवासी सिद्धार्थ ने कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि बेटी यूक्रेन के डोनीब्रुक शहर में फंसी हुई है। आसपास बमबारी जारी है। किसी प्रकार बंकर में छिपकर उसके साथ कुछ बच्चों ने अपनी जान बचाई है। डर के साए में तीन दिन से बेटी सोई भी नहीं है। सरकार से मांग है कि उनकी बिटिया को सकुशल वापस ले आए।
छात्र की मौत पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
फरीदाबाद। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने यूक्रेन में हुई छात्र नवीन की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की सरकार से मांग की। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय छात्र के साथ हुई दु:खद घटना से पूरे देश में शोक की लहर है। यह वक्त यूक्रेन से सटे सभी देशों को भारत की ताकत का अहसास कराने का है। सरकार को तत्काल बॉर्डर स्टेट्स से संपर्क कर सभी छात्रों को सकुशल वापस भारत लाने का रणनीतिक रोड मैप बनाना होगा। कृष्ण ने भारत सरकार से आग्रह किया कि पोलैंड, हंगरी, बेलारूस, रोमानिया, यूक्रेन व रूस आदि सरकारों से बात कर भारतीयों के लिए बॉर्डर खुलवाए। दिल्ली में सरकार इन सभी देशों के राजदूतों को बुला यह बात स्पष्ट करे। इस मौके पर किशन चौहान, देव चौधरी, शिवम ओझा, साहिल तंवर, सुमित तंवर, विजय, सागर और अमन आदि मौजूद रहे।
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फरीदाबाद मंडल के आयुक्त एवं हरियाणा भवन दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर संजय जून की ओर से यूक्रेन में फंसे हरियाणा के छात्रों की सहायता के लिए मंडल आयुक्त कार्यालय फरीदाबाद में राज्य स्तरीय हेल्प लाइन (नियंत्रण कक्ष) स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्प लाइन नंबर 0129-2981617 भी जारी किया गया है। इसका लोगों को लाभ भी मिलने लगा है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार दोपहर तीन बजे तक कंट्रोल रूम में चार शिकायतें मिली हैं जबकि मंगलवार को तीन लोगों ने फोन कर यूक्रेन से अपने बच्चों को सुरक्षित निकालने की सरकार से मांग की थी।
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फिरोजपुर कलां निवासी विनोद ने बताया कि बेटा अनीश कुमार यूक्रेन के एक विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यह उसका दूसरा साल है। बेटे से फोन पर लगातार बात हो रही है। रोमानिया पहुंच गया है, लेकिन यूक्रेन में हो रही बमबारी से बहुत डर लग रहा है। हालांकि जहां अभी बेटा है वहां हालात अभी सामान्य हैं।
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डर के साए में तीन दिन से बेटी सोई नहीं
सेक्टर-16 निवासी सिद्धार्थ ने कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि बेटी यूक्रेन के डोनीब्रुक शहर में फंसी हुई है। आसपास बमबारी जारी है। किसी प्रकार बंकर में छिपकर उसके साथ कुछ बच्चों ने अपनी जान बचाई है। डर के साए में तीन दिन से बेटी सोई भी नहीं है। सरकार से मांग है कि उनकी बिटिया को सकुशल वापस ले आए।
छात्र की मौत पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
फरीदाबाद। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने यूक्रेन में हुई छात्र नवीन की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की सरकार से मांग की। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय छात्र के साथ हुई दु:खद घटना से पूरे देश में शोक की लहर है। यह वक्त यूक्रेन से सटे सभी देशों को भारत की ताकत का अहसास कराने का है। सरकार को तत्काल बॉर्डर स्टेट्स से संपर्क कर सभी छात्रों को सकुशल वापस भारत लाने का रणनीतिक रोड मैप बनाना होगा। कृष्ण ने भारत सरकार से आग्रह किया कि पोलैंड, हंगरी, बेलारूस, रोमानिया, यूक्रेन व रूस आदि सरकारों से बात कर भारतीयों के लिए बॉर्डर खुलवाए। दिल्ली में सरकार इन सभी देशों के राजदूतों को बुला यह बात स्पष्ट करे। इस मौके पर किशन चौहान, देव चौधरी, शिवम ओझा, साहिल तंवर, सुमित तंवर, विजय, सागर और अमन आदि मौजूद रहे।