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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Section of old Khedi Bridge collapses; 15-foot-deep crater forms in Sector-89.

Faridabad News: पुराने खेड़ी पुल का हिस्सा धंसा, सेक्टर-89 में 15 फीट गहरा गड्ढा बना

Fri, 10 Jul 2026 12:08 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:08 AM IST
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Section of old Khedi Bridge collapses; 15-foot-deep crater forms in Sector-89.
फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर - फोटो : 1
तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, लोगों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
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अमर उजाला ब्यूरो


फरीदाबाद। तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में चल रहे विकास कार्यों की पोल खोल दी है। बृहस्पतिवार को पुराने खेड़ी पुल का एक हिस्सा धंस गया। बारिश के कारण पुल की सतह कमजोर हो गई, जिससे बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया। मौके पर पहुंची टीम ने पुल का निरीक्षण किया और सुरक्षा कारणों से तत्काल आवागमन रोक दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुल पर वाहनों और लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। पहले वाला पुल पुराना होने के चलते लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए एक ओर नया पुल दो लेन का बना दिया गया था। इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को फिलहाल वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेक्टर-89 में जोखिम भरा सफर

ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-89 स्थित एडोर समृद्धि सोसाइटी के सामने सड़क धंसने से करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया। करीब 200 मीटर के दायरे में सड़क पर तीन बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिससे इस मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण सड़क की नींव कमजोर हो गई है। मार्ग बंद होने से लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
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कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर हुआ जलभराव
भारी बारिश के बाद जलभराव से वीआईपी क्षेत्र भी नहीं बच सका। सेक्टर-17 स्थित कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के आवास के बाहर भी सड़क पर जलभराव हो गया और पूरा क्षेत्र पानी में डूबा नजर आया। इससे साफ है कि हर साल मानसून से पहले किए जाने वाले दावों के बावजूद जलनिकासी व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
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इन इलाकों में हुआ जलभराव

बारिश का सबसे अधिक असर सेक्टर 11, 12, 22, 23, नीलम-बाटा रोड, एस्कॉर्ट्स मुजेसर, डबुआ चौक, पर्वतीय कॉलोनी, संजय कॉलोनी, एनआईटी 1, 2, 3, 4 और 5, बल्लभगढ़, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, लघु सचिवालय के बाहर मुख्य मार्ग समेत एचएसवीपी कार्यालय के बाहर भी जलभराव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में कई घंटों तक सड़कें पानी में डूबी रहीं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई जगहों पर दोपहिया वाहन चालक जलभराव के बीच वाहन धक्का देने को मजबूर हुए। स्कूल बसें और ऑफिस जाने वाले लोग भी ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।

बल्लभगढ़ बस अड्डा पानी में डूबा

दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ अंतरराज्यीय बस अड्डे में घुटनों तक पानी भर गया। बस अड्डे पर यात्रियों को पानी के बीच होकर गुजरना पड़ा। वहीं, बसों को भी बस अड्डे से राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई मोटरसाइकिल और स्कूटर जलभराव में बंद हो गए। बल्लभगढ़ मुख्य बाजार भी पानी में डूबा रहा। तिगांव रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी बारिश का पानी भर गया, जिससे छात्राएं लंबे समय तक स्कूल परिसर में ही फंसी रही।
ग्रेटर फरीदाबाद की सोसाइटियाें के बाहर भरा पानी
लगातार बारिश के बाद ग्रेटर फरीदाबाद स्थित सोसाइटियों के बाहर मुख्य सड़क पर जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। पूरी प्राणायाम सोसाइटी व आरपीएस सवाना सोसाइटी के बाहर सड़क पर पानी भरा होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि आसपास की अधिकांश सीवर लाइनें जाम हैं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा है।

तिगांव में हुई सर्वाधिक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 80 मिलीमीटर बारिश तिगांव में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मोहना में 70 मिमी, दयालपुर में 46 मिमी, फरीदाबाद में 40 मिमी, गौंच्छी में 30 मिमी, बल्लभगढ़ में 28 मिमी, बड़खल में 25 मिमी, धौज में 7 मिमी बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिला।

प्रशासन ने 54 जल निकासी केंद्रों की 24 घंटे निगरानी की शुरू

जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगर निगम, एफएमडीए, बिजली निगम और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से जिले के 54 प्रमुख डिस्पोजल एवं जल निकासी केंद्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में तैनात कर पंपिंग सिस्टम को लगातार संचालित किया जा रहा है।

प्रशासन ने डबुआ कॉलोनी, नवादा, गांधी कॉलोनी, सेक्टर 9, 11, 14, 17, 18, 21ए, 33, 37, एनएचपीसी अंडरपास, सेक्टर-48, पल्ला, खेड़ी कलां, तिलपत समेत अन्य क्षेत्रों के अधिकांश डिस्पोजल प्वाइंट पूरे दिन सुचारु रूप से चलते रहे। जिससे वर्षा जल की निकासी प्रभावी ढंग से हुई। वहीं, कुछ स्थानों पर 66 केवी बिजली आपूर्ति बाधित होने, जंपर टूटने, तकनीकी खराबी, ब्रेकडाउन और लाइन पर पेड़ गिरने जैसी वजहों से पंप संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि संबंधित विभागों ने तत्काल मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की और पंपों का संचालन फिर शुरू कराया।

बातचीत

हर साल बारिश में यही हाल होता है। इस बार तो मंत्री के घर के बाहर भी पानी भर गया। जब वीआईपी इलाकों का यह हाल है तो आम कॉलोनियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। - आशीष गौड़, निवासी ग्रेटर फरीदाबाद

बारिश के बाद शहर की ज्यादातर सड़कों पर जलभराव हो गया है। जलभराव के कारण कई जगह गड्ढे दिखाई ही नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रोजाना दफ्तर पहुंचने में पहले से दोगुना समय लग रहा है। - बलविंदर, एनआईटी यात्री

मैं रोजाना ट्रेन पकड़कर दिल्ली नौकरी करने जाता हूं। आज बारिश के कारण जाम लगा हुआ था। घर से रेलवे स्टेशन आने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। - जगदीश, एनआईटी

हर मानसून में जलभराव, धंसी सड़कें और खराब निकासी व्यवस्था की समस्या सामने आती है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है लेकिन हालात नहीं बदल रहे हैं। - राहुल, ऑटो चालक पर्वतीय कॉलोनी
सोसाइटी के बाहर जलभराव की कई बार शिकायत कर ली, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब हम सभी इस समस्या से जूझने को मजबूर हैं। निशांत रस्तोगी, आरडब्ल्यूए प्रधान, पूरी प्राणायाम सोसाइटी
सोसाइटी के बाहर जलभराव के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। प्रशासन की ओर से इसकी पूर्ण व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। -आकाशदीप पटेल, आरडब्ल्यूए प्रधान, आरपीएस सवाना सोसाइटी
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वर्जन--

बारिश के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप, मशीनरी और फील्ड स्टाफ तैनात किया गया है। सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी क्षेत्र में जलभराव या तकनीकी समस्या पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - आयुष सिन्हा, उपायुक्त


सेक्टर-89 में विद्युत विभाग की तरफ से अंडरग्राउंड केबल डालने का काम किया गया था। काम के दौरान पैच छोड़ने के चलते पानी का रिसाव हो गया और सड़क पर गड्ढा बन गया है। इसको ठीक करवाया जा रहा है। - केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर- फोटो : 1

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर- फोटो : 1

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर- फोटो : 1

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर- फोटो : 1

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर

फरीदाबाद में खेड़ी पुल पर धंसी सड़क । स्रोत: राहगीर- फोटो : 1

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