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Faridabad News: 38 दिन बाद खुले स्कूल, शिक्षकों ने किया बच्चों का स्वागत
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विद्यालयों लौटी रौनक, पहले दिन छात्रों के लिए प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद बुधवार से जिले के सभी राजकीय और निजी स्कूल खुल गए हैं। करीब 38 दिनों के लंबे अंतराल के बाद स्कूल परिसर में एक बार फिर रौनक लौट आई। पहले दिन सड़कों पर स्कूल बसें दौड़ती दिखीं, तो कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ स्कूल जाते नजर आए। स्कूल के पहले दिन को खास बनाने के लिए शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया। स्कूलों में पहले दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही शिक्षकों ने छात्रों को उनके नए सिलेबस की जानकारी दी।
जिले के 379 राजकीय विद्यालयों में पहले दिन छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही। 50 फीसदी से भी कम बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां के ज्यादातर अभिभावक यूपी, बिहार और राजस्थान से हैं। ऐसे में वे अभी लौटे नहीं हैं। एतमादपुर स्थित स्कूल के मुख्याध्यापक चतर सिंह ने बताया कि पहले दिन अक्सर संख्या कम रहती है, लेकिन कुछ दिन बाद कक्षाएं अपनी पूरी क्षमता से संचालित होने लगेंगी।
स्कूल खुलने का असर शाम को शहर के बाजारों में भी साफ देखने को मिला। स्टेशनरी और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ नई कॉपियां, किताबें और स्कूल ड्रेस खरीदते नजर आए, जिससे दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद बुधवार से जिले के सभी राजकीय और निजी स्कूल खुल गए हैं। करीब 38 दिनों के लंबे अंतराल के बाद स्कूल परिसर में एक बार फिर रौनक लौट आई। पहले दिन सड़कों पर स्कूल बसें दौड़ती दिखीं, तो कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ स्कूल जाते नजर आए। स्कूल के पहले दिन को खास बनाने के लिए शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया। स्कूलों में पहले दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही शिक्षकों ने छात्रों को उनके नए सिलेबस की जानकारी दी।
जिले के 379 राजकीय विद्यालयों में पहले दिन छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही। 50 फीसदी से भी कम बच्चे स्कूल पहुंचे। शिक्षकों का कहना है कि फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां के ज्यादातर अभिभावक यूपी, बिहार और राजस्थान से हैं। ऐसे में वे अभी लौटे नहीं हैं। एतमादपुर स्थित स्कूल के मुख्याध्यापक चतर सिंह ने बताया कि पहले दिन अक्सर संख्या कम रहती है, लेकिन कुछ दिन बाद कक्षाएं अपनी पूरी क्षमता से संचालित होने लगेंगी।
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स्कूल खुलने का असर शाम को शहर के बाजारों में भी साफ देखने को मिला। स्टेशनरी और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ नई कॉपियां, किताबें और स्कूल ड्रेस खरीदते नजर आए, जिससे दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे।
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