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Faridabad News: लीज जमीन पर चल रहे स्कूल आरक्षण दाखिले को दिखा रहे ठेंगा

Fri, 10 Oct 2025 12:54 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:54 AM IST
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Schools operating on leased land are ignoring reservation admissions.
एचएसवीपी की जमीन पर संचालित स्कूलों में 10 प्रतिशत सीटें हैं आरक्षित
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर भर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से 99 साल के लिए जमीन लीज पर लेकर चल रहे निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। साथ ही लीज जमीन की सहमति पत्र के अनुसार अतिरिक्त दस प्रतिशत सीटों पर गरीबों के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर भी दाखिले नहीं हो रहे हैं। अन्य विद्यालयों को केवल पच्चीस प्रतिशत सीट पर आरटीई के तहत दाखिले देने होते हैं। जबकि एचएसवीपी से जमीन लीज पर संचालित हो रहे स्कूलों को दस प्रतिशत अधिक बच्चों को दाखिला देने का नियम है। इस नियम का शहर के नामी विद्यालय खुलकर उल्लंघन कर रहे हैं। शहर भर में ऐसे करीब 54 से अधिक स्कूल चल रहे हैं।


शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। इस कानून के अनुसार निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अनाथ, विकलांग और बीपीएल श्रेणी के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। इसका उद्देश्य होता है कि समाज के हर वर्ग के बच्चे को समान शिक्षा का अवसर मिले, चाहे उसके माता-पिता की आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। आरटीई के माध्यम से गरीब परिवारों के बच्चों को भी अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ने का मौका मिलता है, जिससे शिक्षा में समानता को बढ़ावा मिलता है।
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-एचएसवीपी की जमीन लीज सहमति पत्र के आधार पर निजी स्कूलों को देना होता है, दस प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण
जानकारी के मुताबिक ऐसे विद्यालयों को अन्य विद्यालयों की तुलना में दस प्रतिशत अधिक कुल पैंंतिस प्रतिशत एचएसवीपी की जमीन लीज सहमति पत्र के आधार पर दाखिले देने होते हैं। दस प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक रूप से गरीब वर्ग के आरक्षण सहमति के बाद ही एचएसवीपी से जमीन विद्यालय संचालन के लिए लीज पर दी जाती है। अन्य विद्यालयों को केवल पच्चीस प्रतिशत सीट पर आरटीई के तहत दाखिला देना होता है। शहर भर में ऐसे करीब 54 से अधिक स्कूल चल रहे हैं। शहर के नामी ग्रामी विद्यालय सरकार के इस नियम की अवहेलना कर रहे हैं।
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ऑनलाइन करना होता है आवेदन

आरटीई के तहत दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। अभिभावक को अपने राज्य की शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आरटीई एडमिशन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। वहां बच्चे की आयु, घर का पता और परिवार की आर्थिक स्थिति के अनुसार यह देखा जाता है कि कौन-कौन से स्कूल आवेदन क्षेत्र में आते हैं। इसके बाद अभिभावक को ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है जिसमें बच्चे का नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर, माता-पिता की जानकारी और स्कूलों की प्राथमिकता भरनी होती है। साथ ही आवश्यक दस्तावेज जैसे बीपीएल कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होती है। विभाग की ओर से ड्रा प्रणाली से छात्रों का चयन किया जाता है। जिन बच्चों का नाम सूची में आता है, उन्हें चयनित स्कूल में मुफ्त दाखिला मिलता है।


वर्जन

ऐसा मामला हमारे संज्ञान में आया है। किसी भी छात्र का हक मारने नहीं दिया जाएगा। आरटीई के तहत दाखिला न देने पर ऐसे स्कूलों पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। - मनोज मित्तल, जिला उप शिक्षा अधिकारी
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