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Faridabad News: वर्दी और बैग भत्ता के लिए स्कूलों से मांगा छात्रों का डाटा
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-बालवाटिका-तीन के दो हजार छात्रों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बालवाटिका-3 के बच्चों के खाते में जल्द वर्दी, स्कूल बैग और स्टेशनरी भत्ते की राशि भेजी जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो रही योजना को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से छात्र-छात्राओं का डाटा मांगना शुरू कर दिया है। इस पहल से 239 प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब दो हजार बच्चों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
जिले के कई सरकारी स्कूलों में बालवाटिका-तीन के छात्रों के बैंक खाते व अन्य जरूरी विवरण अभी तक एमआईएस पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं। इसे देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रों का संपूर्ण विवरण दुरुस्त करने के आदेश जारी किए हैं।
योजना के तहत मिलने वाली यह सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि डाटा में किसी भी स्तर पर लापरवाही होती है तो इसके लिए संबंधित विद्यालय मुखिया और कक्षा इंचार्ज की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा जिन बच्चों के अभी तक बैंक खाते नहीं खुले हैं, उनके अभिभावकों से तुरंत संपर्क कर खाते खुलवाने और परिवार पहचान पत्र लिंक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बालवाटिका-3 के बच्चों के खाते में जल्द वर्दी, स्कूल बैग और स्टेशनरी भत्ते की राशि भेजी जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो रही योजना को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से छात्र-छात्राओं का डाटा मांगना शुरू कर दिया है। इस पहल से 239 प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब दो हजार बच्चों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
जिले के कई सरकारी स्कूलों में बालवाटिका-तीन के छात्रों के बैंक खाते व अन्य जरूरी विवरण अभी तक एमआईएस पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं। इसे देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रों का संपूर्ण विवरण दुरुस्त करने के आदेश जारी किए हैं।
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योजना के तहत मिलने वाली यह सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि डाटा में किसी भी स्तर पर लापरवाही होती है तो इसके लिए संबंधित विद्यालय मुखिया और कक्षा इंचार्ज की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा जिन बच्चों के अभी तक बैंक खाते नहीं खुले हैं, उनके अभिभावकों से तुरंत संपर्क कर खाते खुलवाने और परिवार पहचान पत्र लिंक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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