मां से घबराकर बच्चे ने दी जान: छठी कक्षा के छात्र ने निकाले थे 100 रुपये, महिला बोली- तेरे पापा को यह बताऊंगी
बल्लभगढ़ के छांयसा गांव में 11 वर्षीय बच्चे ने घर से 100 रुपये निकाले। मां ने पिता को बताने की बात कही, जिससे घबराकर उसने छत पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के गांव छांयसा में रहने वाले 11 वर्षीय नाबालिग ने घर से 100 रुपये निकाल लिए थे। जब उसकी मां को इस बात का पता चला तो उसने बच्चे से सिर्फ इतना कहा कि जब उसके पापा घर आएंगे तो वह बताएगी कि वह बिना बताए घर से पैसे निकाल लेता है। मां की यही बात सुनकर बच्चा घबरा गया और घर की छत पर जाकर कपड़े सुखाने वाली रस्सी पर चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ देर पहले बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेलकर घर लौटा था।
छांयसा गांव में रहने वाला 11 वर्षीय बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेलकर घर वापस आया था। इसी दौरान उसने घर से करीब 50 से 100 रुपये निकाल लिए थे। कुछ समय बाद उसकी मां को पैसे निकालने की बात पता चल गई। मां ने बच्चे को कहा कि वह उसके पिता के आने पर इस बारे में बताएगी। मां की यह बात सुनकर बच्चा डर गया और चुपचाप घर की छत पर चला गया। बताया जा रहा है कि छत पर पहुंचने के बाद बच्चे ने कपड़े सुखाने वाली रस्सी पर चुन्नी को बांध कर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
कुछ समय बाद जब बच्चे की मां ने उसे घर में ढूंढना शुरू किया, तो वह कहीं दिखाई नहीं दिया। इसके बाद वह उसे तलाशते हुए घर की छत पर पहुंची। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि उसका बेटा रस्सी के फंदे से लटका हुआ है। यह दृश्य देखकर मां घबरा गई और उसने तुरंत बेटे के गले में बंधी रस्सी को खोल दिया। साथ ही उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया।
आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्चा करीब 15 से 20 मिनट तक फंदे पर लटका रहा, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि बच्चे को अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज लेकर गए। वहीं से उनको सूचना प्राप्त हुई थी कि एक 11 वर्षीय बच्चे ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक चार भाई बहन है। जिनमें से वह सबसे छोटा था। मृतक के पिता सुदेश मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है।