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Faridabad News: सैटेलाइट से प्रदूषण पर हो रही निगरानी, कूड़ा-पराली जलाने वालों पर प्रशासन सख्त

Sat, 25 Oct 2025 01:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:14 AM IST
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Satellite monitoring of pollution; administration strict on those burning garbage and stubble
पिछले साल 47 मामलों में हुई थी कार्रवाई, इस साल अब तक तीन नए मामले आए सामने
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मोहित शुक्ला

फरीदाबाद। प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर नियंत्रण के लिए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है। शहर में वायु प्रदूषण की निगरानी सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से की जा रही है। प्रशासन ने पराली और कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर टीमों को तैनात किया है। जैसे ही किसी क्षेत्र में धुएं या आग के संकेत मिलते हैं सैटेलाइट अलर्ट के जरिए तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी जाती है और मौके पर कार्रवाई की जाती है।

जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष फरीदाबाद में कूड़ा और पराली जलाकर प्रदूषण फैलाने के कुल 47 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से दो मामले पराली जलाने के थे। जो बल्लभगढ़ क्षेत्र से सामने आए थे। दोनों किसानों पर पर्यावरण नियमों के तहत प्रति एकड़ ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के साथ राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की गई थी।
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प्रशासन ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया था, ताकि किसान पराली जलाने की बजाय इसका उपयोग वैकल्पिक तरीके से करें। कृषि विभाग की ओर से किसानों को बताया गया कि पराली को खाद बनाने, पशु चारे या ईंधन के रूप में भी उपयोग में लाया जा सकता है।
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इस साल अब तक तीन मामले आए सामने
प्रदूषण नियंत्रण के लिए निगरानी व्यवस्था और सख्त की गई है। इसके बावजूद इस साल अब तक आग जलाकर प्रदूषण फैलाने के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें तीनों मामले कूड़ा जलाने से जुड़े हैं। विभाग की तरफ से ऐसे मामलों को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है। वहीं निगम की तरफ से भी लगातार कार्रवाई हो रही है।

सैटेलाइट निगरानी कैसे कर रही है काम
फरीदाबाद में प्रदूषण की निगरानी के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम मिलकर सैटेलाइट डेटा का उपयोग कर रहे हैं। यह डेटा इंडियन रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट और सेंटिनल जैसे उपग्रहों से प्राप्त होता है। जैसे ही किसी इलाके में आग की गतिविधि दिखाई देती है उसका लोकेशन कोऑर्डिनेट जिला नियंत्रण कक्ष को भेजा जाता है। इसके बाद पर्यावरण निरीक्षक या फील्ड अधिकारी मौके पर जाकर जांच करते हैं।

प्रदूषण रोकने के लिए विशेष अभियान
जिला प्रशासन ने इस बार प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम रोज फील्ड में गश्त कर रही है। जगह-जगह होर्डिंग्स और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

कानूनी कार्रवाई के साथ जागरूकता जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन दंडात्मक कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में लोग काफी जागरूक हुए हैं लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां नियमों का पालन नहीं हो रहा।



सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। सभी अपने अपने अधिकार क्षेत्र में प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। - संदीप सिंह, रीजनल ऑफिसर फरीदाबाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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