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Faridabad News: मेंटेनेंस चार्ज में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी के खिलाफ आरडब्ल्यूए ने मोर्चा खोला
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बिल्डर को लीगल नोटिस भेजने की तैयारी, पारदर्शिता और सहमति की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न प्लॉटेड कॉलोनियों की आरडब्ल्यूए ने बीपीटीपी बिल्डर की मेंटेनेंस एजेंसी बीपीएमएस की ओर से अचानक 30 प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाने के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी बिना किसी पूर्व चर्चा, सहमति या औचित्य के की गई है, जो पूरी तरह एकतरफा और मनमानी है।
सभी आरडब्ल्यूए ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि प्रत्येक सोसाइटी या ब्लॉक की ओर से बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी को लीगल नोटिस भेजा जाएगा। ब्लॉक जी से सुमेर खत्री व ब्लॉक एफ से रविंदर चौधरी का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि बिल्डर को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि निवासियों की राय और सहमति के बिना कोई भी आर्थिक बोझ थोपना अस्वीकार्य है।
उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस चार्जेज में किसी भी प्रकार की वृद्धि निवासियों या आरडब्ल्यूए पूर्व सहमति के बिना नहीं की जा सकती। 30 प्रतिशत बढ़ोतरी रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम, 2016 (रेरा) की पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी धाराओं का उल्लंघन है। बीपीएमएस की ओर से अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष की खर्च रिपोर्ट, सर्विस डिटेल या ऑडिट रिपोर्ट निवासियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है। निवासियों ने मांग की है कि 30 प्रतिशत चार्ज बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। आरडब्ल्यूए का कहना है कि बिल्डर को बिना पारदर्शिता के निर्णय लेने की आदत डाल दी गई है, जिसे अब सामूहिक रूप से चुनौती दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न प्लॉटेड कॉलोनियों की आरडब्ल्यूए ने बीपीटीपी बिल्डर की मेंटेनेंस एजेंसी बीपीएमएस की ओर से अचानक 30 प्रतिशत मेंटेनेंस चार्ज बढ़ाने के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी बिना किसी पूर्व चर्चा, सहमति या औचित्य के की गई है, जो पूरी तरह एकतरफा और मनमानी है।
सभी आरडब्ल्यूए ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि प्रत्येक सोसाइटी या ब्लॉक की ओर से बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी को लीगल नोटिस भेजा जाएगा। ब्लॉक जी से सुमेर खत्री व ब्लॉक एफ से रविंदर चौधरी का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि बिल्डर को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि निवासियों की राय और सहमति के बिना कोई भी आर्थिक बोझ थोपना अस्वीकार्य है।
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उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस चार्जेज में किसी भी प्रकार की वृद्धि निवासियों या आरडब्ल्यूए पूर्व सहमति के बिना नहीं की जा सकती। 30 प्रतिशत बढ़ोतरी रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम, 2016 (रेरा) की पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी धाराओं का उल्लंघन है। बीपीएमएस की ओर से अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष की खर्च रिपोर्ट, सर्विस डिटेल या ऑडिट रिपोर्ट निवासियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है। निवासियों ने मांग की है कि 30 प्रतिशत चार्ज बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। आरडब्ल्यूए का कहना है कि बिल्डर को बिना पारदर्शिता के निर्णय लेने की आदत डाल दी गई है, जिसे अब सामूहिक रूप से चुनौती दी जाएगी।
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