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ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मनाया विरोध दिवस
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फरीदाबाद। कोरोना महामारी में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ काली पट्टी बांध कर विरोध दिवस मनाया है। उनकी की मांग है कि उन्हें कोरोना बचाव के लिए सुरक्षा उपकरण, कोरोना काल में 50 लाख बीमा कवरेज, कोरोना मृतक का दाह संस्कार करने के लिए दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि और चार अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 14 हजार रुपये वेतन का पत्र जारी किया जाए।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के राज्य प्रधान देवीराम, महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सफाई कर्मियों को कोरोना योद्धा की उपाधि तो दे रही है, लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। कोरोना महामारी में हर व्यक्ति अपने घर में है और सफाई कर्मी गांव की साफ-सफाई, गांव में बनाए गए कोविड सेंटरों की देखरेख, सेनेटाइज करना और कोरोना संक्रमित की मौत होने पर व्यक्ति के दाह संस्कार काम कर रहे हैं लेकिन इनके स्वास्थ्य व जीवन के भविष्य के बारे में कोई चिंता सरकार को नहीं है। सरकार के इस रुख के कारण सफाई कर्मचारियों में काफी भय का वातावरण बना हुआ है। सरकार की बेरुखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों से कोरोना बचाव लिए अब तक मास्क, ग्लब्ज, सैनिटाइजर, पीपीई किट आदि तक नहीं दिए गए और मौत होने पर दाह संस्कार करवाकर बेगार तो ले रही रही है, लेकिन प्रोत्साहन राशि नही दे रही, जबकि शहरी सफाई कर्मचारियों को दो हजार रुपये दाह संस्कार के रूप में भुगतान किया जा रहा है। चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी देरी के सफाई कर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा पूरे प्रदेश का ग्रामीण सफाई कर्मचारी 26 मई को अपने-अपने कार्य स्थल पर विरोध करते हुए बीडीपीओ ब्लॉक पर प्रदर्शन करेंगे।
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ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) के राज्य प्रधान देवीराम, महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सफाई कर्मियों को कोरोना योद्धा की उपाधि तो दे रही है, लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। कोरोना महामारी में हर व्यक्ति अपने घर में है और सफाई कर्मी गांव की साफ-सफाई, गांव में बनाए गए कोविड सेंटरों की देखरेख, सेनेटाइज करना और कोरोना संक्रमित की मौत होने पर व्यक्ति के दाह संस्कार काम कर रहे हैं लेकिन इनके स्वास्थ्य व जीवन के भविष्य के बारे में कोई चिंता सरकार को नहीं है। सरकार के इस रुख के कारण सफाई कर्मचारियों में काफी भय का वातावरण बना हुआ है। सरकार की बेरुखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों से कोरोना बचाव लिए अब तक मास्क, ग्लब्ज, सैनिटाइजर, पीपीई किट आदि तक नहीं दिए गए और मौत होने पर दाह संस्कार करवाकर बेगार तो ले रही रही है, लेकिन प्रोत्साहन राशि नही दे रही, जबकि शहरी सफाई कर्मचारियों को दो हजार रुपये दाह संस्कार के रूप में भुगतान किया जा रहा है। चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी देरी के सफाई कर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा पूरे प्रदेश का ग्रामीण सफाई कर्मचारी 26 मई को अपने-अपने कार्य स्थल पर विरोध करते हुए बीडीपीओ ब्लॉक पर प्रदर्शन करेंगे।
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