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Faridabad News: बारिश से सड़कें बनीं तालाब, यातायात व्यवस्था ठप
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जिले में 48 घंटे में हुई 72.5 एमएम बारिश, हाईवे से लेकर गली-मोहल्लों तक जलभराव
अमरी उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अजरौंदा, बाटा, बल्लभगढ़ चौक पर घुटनों तक पानी भर गया। अंदरूनी क्षेत्र की सड़कें जलभराव के कारण तालाब बन गईं। जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन चालकों को भारी जाम से जूझना पड़ा। सड़कों पर पानी अधिक होने के कारण लोगों के वाहन खराब हो गए। वहीं ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में भरे पानी में एक कार डूब गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। ऐसे में फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड, एफएमडीए और नगर निगम अधिकारियों की इंजीनियरिंग फेल हो गई। प्रशासन के जलभराव से निपटने के दावे हवा हवाई साबित हुए। इस दौरान जिले में 48 घंटे में 72.5 मिलीमीटर (एमएम) बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश से पहले नगर निगम, एचएसवीपी और एफएमडीए ने जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे। निगम की ओर से व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था। नालों की जेसीबी से सफाई कराई गई। एफएमडीए की ओर से वर्षों से बंद नालों को दोबारा से खोला गया। अधिकारियों का दावा था कि बारिश में भी सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। ड्रेनेज लाइनों को चालू करने का काम तेजी से किया जा रहा है। बूस्टर की देखरेख की जा रही है। अंडरपासों में पानी न भरे इसके लिए बड़ी-बड़ी मोटरें लगाई गईं। नए बूस्टर स्टेशन बनाए गए। दावा था कि बारिश होने पर कुछ ही देर में अंडरपास और सड़कों से पानी निकल जाएगा। लेकिन बारिश में सड़के डूबने के साथ अधिकारियाें के दावे भी डूब गए।
घरों और दुकानों में भरा पानी
शुक्रवार रात हुई झमाझम बारिश से डबुआ और पर्वतीय कॉलोनी में जलभराव से हालत बेहद खराब हो गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। घरों और दुकानों में पानी भरने से रात भर लोग बाल्टियों से पानी निकालते रहे। सड़कों पर पानी अधिक होने की वजह से एनआईटी एक नंबर, बाटा चौक, बीके चौक और हार्डवेयर चौक से पर्वतीय कॉलोनी 60 फुट रोड को जाने वाले ऑटो चालकों ने किनारा कर लिया।
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हाईवे पर लगा जाम
दो दिन से हो रही झमाझम बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। बारिश से हुए जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-7-8 चौक और बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक पर हुए जलभराव से वाहनों के पहिये थम गए। सबसे ज्यादा खराब हालत पर्वतीय कॉलोनी 60 फुट रोड, स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी और सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए में देखने को मिली। यहां की सड़कें पानी से लबालब थीं। सड़क के साथ घरों और दुकानों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड की इंजीनियरिंग फेल
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने नालों का निर्माण करवाया है। लेकिन इन्हें कहीं भी मुख्य नालों से नहीं जोड़ा गया। एनआईटी-5 में कई जगह सड़कों के किनारे नालों का निर्माण अधूरा है। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे रोड पर जलभराव होने से लोगों के घरों में पानी भर गया। इसी तरह गौंछी ड्रेन ओवरफ्लो होने से सेक्टर-52 में एक बार फिर घरों में गंदा पानी भरने से लोग परेशान है।
वर्जन
दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हुआ था। अब पानी निकल चुका है। साथ ही पानी निकासी के बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। - बिरेंद्र कर्दम, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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अमरी उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अजरौंदा, बाटा, बल्लभगढ़ चौक पर घुटनों तक पानी भर गया। अंदरूनी क्षेत्र की सड़कें जलभराव के कारण तालाब बन गईं। जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन चालकों को भारी जाम से जूझना पड़ा। सड़कों पर पानी अधिक होने के कारण लोगों के वाहन खराब हो गए। वहीं ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में भरे पानी में एक कार डूब गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। ऐसे में फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड, एफएमडीए और नगर निगम अधिकारियों की इंजीनियरिंग फेल हो गई। प्रशासन के जलभराव से निपटने के दावे हवा हवाई साबित हुए। इस दौरान जिले में 48 घंटे में 72.5 मिलीमीटर (एमएम) बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश से पहले नगर निगम, एचएसवीपी और एफएमडीए ने जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे। निगम की ओर से व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था। नालों की जेसीबी से सफाई कराई गई। एफएमडीए की ओर से वर्षों से बंद नालों को दोबारा से खोला गया। अधिकारियों का दावा था कि बारिश में भी सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। ड्रेनेज लाइनों को चालू करने का काम तेजी से किया जा रहा है। बूस्टर की देखरेख की जा रही है। अंडरपासों में पानी न भरे इसके लिए बड़ी-बड़ी मोटरें लगाई गईं। नए बूस्टर स्टेशन बनाए गए। दावा था कि बारिश होने पर कुछ ही देर में अंडरपास और सड़कों से पानी निकल जाएगा। लेकिन बारिश में सड़के डूबने के साथ अधिकारियाें के दावे भी डूब गए।
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घरों और दुकानों में भरा पानी
शुक्रवार रात हुई झमाझम बारिश से डबुआ और पर्वतीय कॉलोनी में जलभराव से हालत बेहद खराब हो गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। घरों और दुकानों में पानी भरने से रात भर लोग बाल्टियों से पानी निकालते रहे। सड़कों पर पानी अधिक होने की वजह से एनआईटी एक नंबर, बाटा चौक, बीके चौक और हार्डवेयर चौक से पर्वतीय कॉलोनी 60 फुट रोड को जाने वाले ऑटो चालकों ने किनारा कर लिया।
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हाईवे पर लगा जाम
दो दिन से हो रही झमाझम बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। बारिश से हुए जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-7-8 चौक और बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक पर हुए जलभराव से वाहनों के पहिये थम गए। सबसे ज्यादा खराब हालत पर्वतीय कॉलोनी 60 फुट रोड, स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी और सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए में देखने को मिली। यहां की सड़कें पानी से लबालब थीं। सड़क के साथ घरों और दुकानों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड की इंजीनियरिंग फेल
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने नालों का निर्माण करवाया है। लेकिन इन्हें कहीं भी मुख्य नालों से नहीं जोड़ा गया। एनआईटी-5 में कई जगह सड़कों के किनारे नालों का निर्माण अधूरा है। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे रोड पर जलभराव होने से लोगों के घरों में पानी भर गया। इसी तरह गौंछी ड्रेन ओवरफ्लो होने से सेक्टर-52 में एक बार फिर घरों में गंदा पानी भरने से लोग परेशान है।
वर्जन
दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हुआ था। अब पानी निकल चुका है। साथ ही पानी निकासी के बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। - बिरेंद्र कर्दम, मुख्य अभियंता, नगर निगम