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Faridabad News: सड़कों की धूल बिगाड़ रही शहर की हवा
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प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी हिस्सेदारी, ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान के अध्यन में सामने आई जानकारी
हवा में मौजूद पीएम-10 में एक तिहाई हिस्सा सड़क की धूल का
सूरज कुमार
फरीदाबाद। शहर में प्रदूषण की बात होती है तो अक्सर वाहनों से निकलने वाले धुएं और उद्योगों पर ध्यान जाता है, लेकिन सड़कों पर जमा धूल भी हवा को खराब करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। शहर की हवा में मौजूद पीएम-10 में करीब एक तिहाई हिस्सा सड़क की धूल का है। गर्मी हो या सर्दी, इसका असर लगभग एक जैसा बना रहता है। ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) के नगर निगम फरीदाबाद के लिए किए गए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार फरीदाबाद में सड़कों की धूल से रोजाना करीब 78.6 टन पीएम-10 और 18.9 टन पीएम-2.5 प्रदूषक कण निकलते हैं। शहर में चल रहे निर्माण कार्य, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़कों पर जमा मिट्टी इसकी प्रमुख वजह हैं। कई जगह सड़कों का रखरखाव ठीक नहीं होने से धूल जमा रहती है। वाहनों के गुजरने पर यही धूल हवा में उड़कर आसपास के इलाकों में फैल जाती है। इससे हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ती है। शहर के एमआर गार्डन, सीएससी सेंटर, राधा बल्लभ मंदिर, गेल गैस प्लांट रोड, आरपीएस सावना और बीपीटीपी प्रिंसेस पार्क के आसपास के क्षेत्रों को धूल के अधिक असर वाले स्थानों में शामिल किया गया है। इन जगहों पर पीएम-10 में सड़क की धूल की हिस्सेदारी 24 से 44 प्रतिशत तक पाई गई।
2035 तक बढ़कर 51 प्रतिशत होने का अनुमान
अध्ययन में सामने आया है कि रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो सर्दियों में पीएम-10 में सड़क की धूल की हिस्सेदारी 2030 तक 38 प्रतिशत और 2035 तक 51 प्रतिशत हो सकती है। शोधकर्ताओं ने नियमित सफाई, मशीन से सड़कों की झाड़ू, पानी का छिड़काव, सड़कों को पक्का करने और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के नियम सख्ती से लागू करने की सिफारिश की है। सड़कों पर जमा महीन मिट्टी कम करने से पीएम-10 में करीब 53 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
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सड़कों पर जमा धूल को हटाने के लिए मशीनों से सफाई करवाई जा रही है। सड़कों की सफाई के लिए 16 मशीनें हैं। दो और मशीनें खरीदने की तैयारी चल रही है। ग्रेप को देखते हुए सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करवाया जाता है। - अजय पंघाल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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हवा में मौजूद पीएम-10 में एक तिहाई हिस्सा सड़क की धूल का
सूरज कुमार
फरीदाबाद। शहर में प्रदूषण की बात होती है तो अक्सर वाहनों से निकलने वाले धुएं और उद्योगों पर ध्यान जाता है, लेकिन सड़कों पर जमा धूल भी हवा को खराब करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। शहर की हवा में मौजूद पीएम-10 में करीब एक तिहाई हिस्सा सड़क की धूल का है। गर्मी हो या सर्दी, इसका असर लगभग एक जैसा बना रहता है। ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) के नगर निगम फरीदाबाद के लिए किए गए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार फरीदाबाद में सड़कों की धूल से रोजाना करीब 78.6 टन पीएम-10 और 18.9 टन पीएम-2.5 प्रदूषक कण निकलते हैं। शहर में चल रहे निर्माण कार्य, भारी वाहनों की आवाजाही और सड़कों पर जमा मिट्टी इसकी प्रमुख वजह हैं। कई जगह सड़कों का रखरखाव ठीक नहीं होने से धूल जमा रहती है। वाहनों के गुजरने पर यही धूल हवा में उड़कर आसपास के इलाकों में फैल जाती है। इससे हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ती है। शहर के एमआर गार्डन, सीएससी सेंटर, राधा बल्लभ मंदिर, गेल गैस प्लांट रोड, आरपीएस सावना और बीपीटीपी प्रिंसेस पार्क के आसपास के क्षेत्रों को धूल के अधिक असर वाले स्थानों में शामिल किया गया है। इन जगहों पर पीएम-10 में सड़क की धूल की हिस्सेदारी 24 से 44 प्रतिशत तक पाई गई।
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2035 तक बढ़कर 51 प्रतिशत होने का अनुमान
अध्ययन में सामने आया है कि रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो सर्दियों में पीएम-10 में सड़क की धूल की हिस्सेदारी 2030 तक 38 प्रतिशत और 2035 तक 51 प्रतिशत हो सकती है। शोधकर्ताओं ने नियमित सफाई, मशीन से सड़कों की झाड़ू, पानी का छिड़काव, सड़कों को पक्का करने और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के नियम सख्ती से लागू करने की सिफारिश की है। सड़कों पर जमा महीन मिट्टी कम करने से पीएम-10 में करीब 53 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
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सड़कों पर जमा धूल को हटाने के लिए मशीनों से सफाई करवाई जा रही है। सड़कों की सफाई के लिए 16 मशीनें हैं। दो और मशीनें खरीदने की तैयारी चल रही है। ग्रेप को देखते हुए सड़कों पर पानी का छिड़काव भी करवाया जाता है। - अजय पंघाल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम