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Faridabad News: रिटायर्ड कर्मचारियों ने पैनल अस्पतालों की व्यवस्था पर उठाए सवाल
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संघ ने अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर समाधान की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला इकाई फरीदाबाद ने सरकार के पैनल पर इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। संघ ने अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के दौरान आ रही परेशानियों के समाधान की मांग की है।
संघ के जिला प्रधान नवल सिंह, सचिव लज्जाराम और प्रेस प्रवक्ता सत्यपाल नरवत ने बताया कि सरकार द्वारा छह गंभीर बीमारियों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है लेकिन इसके बावजूद मरीजों से 20 प्रतिशत तक भुगतान लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओपीडी पर्चियों पर निर्धारित छूट का लाभ नहीं दिया जाता और कई बार अनावश्यक डॉक्टर विजिट जोड़कर बिल बढ़ा दिए जाते हैं।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए भी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से एडवांस राशि जमा कराने और डिस्चार्ज के बाद बिल सत्यापन के लिए अस्पतालों के बार-बार चक्कर लगाने जैसी समस्याओं से बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारी परेशान हैं।
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संघ ने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मिलकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें ताकि वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के दौरान राहत मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला इकाई फरीदाबाद ने सरकार के पैनल पर इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। संघ ने अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखकर रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के दौरान आ रही परेशानियों के समाधान की मांग की है।
संघ के जिला प्रधान नवल सिंह, सचिव लज्जाराम और प्रेस प्रवक्ता सत्यपाल नरवत ने बताया कि सरकार द्वारा छह गंभीर बीमारियों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है लेकिन इसके बावजूद मरीजों से 20 प्रतिशत तक भुगतान लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओपीडी पर्चियों पर निर्धारित छूट का लाभ नहीं दिया जाता और कई बार अनावश्यक डॉक्टर विजिट जोड़कर बिल बढ़ा दिए जाते हैं।
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संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए भी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से एडवांस राशि जमा कराने और डिस्चार्ज के बाद बिल सत्यापन के लिए अस्पतालों के बार-बार चक्कर लगाने जैसी समस्याओं से बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारी परेशान हैं।
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संघ ने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मिलकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें ताकि वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के दौरान राहत मिल सके।