फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Restoration work of Badkhal Lake going on at a slow pace

Faridabad News: धीमी गति से चल रहा बड़खल झील का जीर्णोद्धार कार्य

Thu, 16 Nov 2023 11:16 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:16 PM IST
विज्ञापन
Restoration work of Badkhal Lake going on at a slow pace
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फरीदाबाद। बड़खल झील के जीर्णोद्धार का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जहां एक ओर से अब तक बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, वहीं सेक्टर-21सी में बने सीवर शोधन संयंत्र से धीमी गति से पानी छोड़ा जा रहा है। झील परिसर के बाहर पार्किंग सहित अन्य कार्य भी बहुत धीमा है। हालांकि स्मार्ट सिटी लिमिटेड और भाजपा नेताओं का दावा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर तक इसे लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन दावे हवा-हवाई साबित हुए। अब अधिकारी छह माह में काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति से एक साल में भी काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
अरावली की वादियों में बसी बड़खल झील वर्ष 2005 से पहले तक लबालब थी। लेकिन, भूजल दोहन के कारण आज सूखी पड़ी है। पूर्व में यह झील दिल्ली-एनसीआर के लोगों की सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल थी। झील सूखते ही पर्यटकों ने इससे मुंह मोड़ लिया। इसके बाद बड़खल विधानसभा क्षेत्र की विधायक सीमा त्रिखा ने झील में फिर से पानी भरने के लिए योजना की तैयारी कराई। सात जून 2015 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की घोषणा की। इसके बाद यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की तरफ वर्ष 2018 में झील के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। बड़खल झील तक पाइप बिछा दिए गए हैं। सेक्टर-21ए में सीवर शोधन संयंत्र से हर रोज 10 एमएलडी पानी पांच बीओडी मात्रा तक शोधित कर झील में पानी छोड़ने का दावा किया गया था। सूत्रों के अनुसार, यह अभी 5 एलएमडी तक सीमित होकर रह गया है। इसके अलावा झील परिसर के बाहर सर्फेस पार्किंग बनाने काम भी अभी पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन

300 दिन में छह मीटर ऊंचाई तक भरी जानी है झील
सेक्टर-21सी में बने सीवर शोधन संयंत्र में जलोपचार पद्धति का संयंत्र लगाया गया। जिससे पानी पूरी तरफ से साफ को सके। एसटीपी में हर रोज 10 एमएलडी पानी 5 बीओडी मात्रा तक शोधित किया जा रहा है। लेकिन अभी मोटी पाइप के जरिए करीब 5 एमएलडी पानी ही झील तक पहुंचाया जा रहा है। झील को 300 दिन में छह मीटर ऊंचाई तक पानी से भरने की योजना है। इसके बाद एसटीपी से हर रोज केवल तीन एमएलडी पानी ही झील के अंदर डाला जाएगा, जिससे पानी बरकरार रहे। बाकी के बचे हुए सात एमएलडी पानी को शहर के अन्य कामों में इस्तेमाल कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनाया जा रहा मुख्य बांध
झील के घाटों को मरीन डेवलपमेंट (विकसित) योजना के तहत मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर आधुनिक तकनीक के साथ रिटेनिंग वॉल के माध्यम से बनाया जा रहा है। लेकिन, इसका काम भी बहुत धीमा है। अभी तक केवल 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बड़खल झील परिसर में बच्चों के झूलों के साथ बड़ों के लिए भी झूले लगाए जाएंगे। इसमें रेस्तरां, जूस कॉर्नर, वॉकिंग ट्रैक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लोगों को पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सरफेस पार्किंग का निर्माण अधूरा है।


कहां कितना आएगा खर्च
- पार्किंग के निर्माण पर 3.08 करोड़
- झील के अंदर मुख्य बांध के निर्माण पर 20.53 करोड़ रुपये
- बड़खल झील के अन्य कार्यों पर 1.42 करोड़
--
झील का क्षेत्रफल
- झील की कुल लंबाई 2.5 किमी व चौड़ाई 500 मीटर है।
- 40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली है पूरी झील।
- वर्ष 2000 के बाद पानी कम होना हुआ शुरू।
- वर्ष 2004 के बाद झील बिल्कुल सूख गई।
- अरावली में अवैध खनन और अवैध ट्यूबवेल की वजह से सूखी झील।

वर्जन
झील के निर्माण कार्य को तेजी लाने के लिए ठेकेदार को आदेश दिए गए हैं। टीम नियमित रूप से काम पर नजर भी बनाए हुए है। मुख्य बांध बनाने का काम तेजी से चल रहा है। अन्य कार्यों में भी तेजी लाई जाएगी। - अरविंद शेखावत, डीजीएम, स्मार्ट सिटी लिमिटेड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed