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Faridabad News: अस्पतालों में सांस और खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े

Fri, 15 Nov 2024 03:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 03:21 AM IST
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Respiratory and cough-cold patients increased in hospitals
दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने से लोगों को हो रही परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्दी का मौसम शुरू होते ही शहर में स्मॉग देखने को मिल रहा है। ऐसे में शहर के अस्पतालों में सांस, सर्दी खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या करीब 25 से 30 फीसदी बढ़ गई है। बीके और ईएसआई अस्पतालों में रोजाना करीब 900 से 950 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 250 से 350 मरीज इन बीमारियों से ग्रसित हैं। वहीं, बढ़ते प्रदूषण के कारण डॉक्टरों ने दमा, शुगर और बीपी के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

ईएसआई अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक ने बताया कि दिवाली के बाद से सर्दी, प्रदूषण और पराली जलाने के कारण शहर की हवा बहुत दूषित हो गई है। ऐसे में अस्पताल में रोजाना करीब 100 से 150 मरीज सांस, सर्दी, खांसी-जुकाम के पहुंच रहे हैं। सामान्य तौर पर शहर में एक्यूआई 50 से 60 होना चाहिए लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण यह बढ़कर करीब 300 के आसपास हो गया है। इस कारण शहर में प्रदूषण और स्मॉग की मात्रा बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को सर्दी, खांसी-जुकाम, बुखार, सांस फूलना, आंखों में जलन, त्वचा में जलन जैसी समस्या हो रही है। यह खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रही है। इसके अलावा दमा, शुगर, उच्च रक्तचाप और दिल से जुड़ी बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
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बच्चे और बुजुर्ग आ रह चपेट में
बीके अस्पताल के जनरल फिजीशियन मोहित अग्रवाल ने बताया कि शहर में बढ़ते प्रदूषण के साथ साथ अब स्मॉग बढ़ने लगा है। इस कारण विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। विभाग में सर्दी, खांसी-जुकाम और बुखार के रोजाना करीब 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों और बुजुर्गों को काफी खतरा रहता है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने के कारण और बुजुर्गों में बढ़ती उम्र के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वह जल्दी ही बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
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