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Faridabad News: दरक रहे रिश्ते, संयुक्त परिवार में नहीं रहना चाहती लड़कियां

Wed, 04 Dec 2024 11:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:20 AM IST
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Relationships are cracking, girls do not want to live in joint families
महिला आयोग ने 14 मामलों का किया निपटारा, नौ मामलों में युवतियों ने सास, ससुर पर प्रताड़ना के आरोप लगाकर अलग रहने की बात कही
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संदीप वर्मा
फरीदाबाद। शहरीकरण की चकाचौंध में रिश्ते दरकते जा रहे हैं। शादी के बाद आई विवाहिताएं संगठित परिवार में रहना आमतौर पर नहीं पसंद कर रही हैं। अधिकतर मामलों में विवाहिताओं ने सास-ससुर और पति पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए एकल परिवार में रहने की बात कही है। मंगलवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में प्रदेश महिला आयोग की सुनवाई में आए 14 में से करीब नौ मामलों में महिलाओं के परिवार से अलग रहने की बात सामने आई।
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने 14 मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के लिए फरीदाबाद से आए एक मामले में एक विवाहिता ने सास-ससुर के ताने, अपशब्द और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पति के साथ अलग रहने या फिर तलाक लेने की बात कही। इसके अलावा शहर की डॉक्टर युवती की शादी दिल्ली में एक युवक से हुई थी। संयुक्त परिवार में रहने के दौरान डॉक्टर युवती ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया। युवती का कहना है कि एक बार ससुर ने भी उससे मारपीट की थी। अब वह उनके साथ नहीं रहना चाहती और तलाक लेना चाहती है।
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महिला आयोग के सामने फरीदाबाद की ही एक युवती ने करनाल निवासी पुलिसकर्मी पति पर मारपीट का आरोप लगाया। संयुक्त परिवार में शादी कर गई विवाहिता ने बताया कि उसके पति ने शादी होने के दो माह बाद ही मारपीट करना शुरू कर दिया था। इसके अलावा सास और ससुर ने भी प्रताड़ित किया है। वह जब दो माह की गर्भवती थी, तभी प्रताड़ना से तंग होकर फरीदाबाद अपने मायके चली आई थी। अब वह वापस अपने ससुराल नहीं जाना चाहती।
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महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने बताया कि आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी में परिवारों का बुनियादी ढांचा टूटता नजर आ रहा है। पति-पत्नी एक दूसरे को समय नहीं दे पा रहे हैं। उनमें एक दूसरे की कमियों को बर्दाश्त करने की क्षमता भी खत्म होती जा रही है। विवाहिताओं का पक्ष है कि पति, सास, ससुर की प्रताड़ना से तंग होकर संगठित परिवार में रहना मुश्किल होता जा रहा है। बदलते परिवेश में आपसी रिश्ते छोटी-छोटी बातों से मनमुटाव आपसी कलह का कारण बन रहे हैं।


बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की जगाई अलख
महिला आयोग की अध्यक्ष रेणू भाटिया ने अधिकारियों व आम लोगों के साथ बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर समाज में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उन्होंने शपथ दिलाई कि बाल विवाह रोकने के खिलाफ सभी हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही अपने पड़ोस, रिश्तेदार व समुदाय में किसी बालिका का बाल विवाह नहीं होने देंगे। यदि किसी प्रकार का कदम उठाता है तो उसकी सूचना संबंधित पंचायत, जिला प्रशासन व सरकार को देंगे। इस मौके पर मीनाक्षी चौधरी, हेमा कौशिक आदि मौजूद रहीं।
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