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Faridabad News: देर रात काम से लौटने वाली महिलाओं के लिए घर पहुंचना बना चुनौती
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बस और ऑटो के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार, कैब वाले मांगते हैं अधिक किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए ड्यूटी खत्म होने के बाद घर लौटना रोज की चुनौती बनता जा रहा है। देर रात सार्वजनिक परिवहन के विकल्प सीमित होने के कारण महिलाओं को बस और ऑटो के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार आसपास सवारी नहीं मिलने पर कैब का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन उसका किराया अधिक होने से रोजाना आना-जाना महंगा पड़ रहा है। देर रात सुनसान सड़कों पर अकेले खड़े होकर वाहन का इंतजार करना भी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।
नौकरी के लिए देर रात तक काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि दिन के मुकाबले रात में परिवहन की उपलब्धता काफी कम हो जाती है। कई प्रमुख मार्गों पर बसों की संख्या कम होने से घर पहुंचने में अधिक समय लगता है। ऑटो उपलब्ध होने पर भी चालक कई बार दूर के इलाकों में जाने से मना कर देते हैं।
मेरी शिफ्ट रात में खत्म होती है। उस समय बस या ऑटो आसानी से नहीं मिलता। कई बार काफी देर इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में कैब करनी पड़ती है। - तनु
रात में सबसे बड़ी चिंता घर जल्दी और सुरक्षित पहुंचने की रहती है। अगर सार्वजनिक परिवहन नियमित मिले तो काफी राहत हो सकती है।- काजल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए ड्यूटी खत्म होने के बाद घर लौटना रोज की चुनौती बनता जा रहा है। देर रात सार्वजनिक परिवहन के विकल्प सीमित होने के कारण महिलाओं को बस और ऑटो के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार आसपास सवारी नहीं मिलने पर कैब का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन उसका किराया अधिक होने से रोजाना आना-जाना महंगा पड़ रहा है। देर रात सुनसान सड़कों पर अकेले खड़े होकर वाहन का इंतजार करना भी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।
नौकरी के लिए देर रात तक काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि दिन के मुकाबले रात में परिवहन की उपलब्धता काफी कम हो जाती है। कई प्रमुख मार्गों पर बसों की संख्या कम होने से घर पहुंचने में अधिक समय लगता है। ऑटो उपलब्ध होने पर भी चालक कई बार दूर के इलाकों में जाने से मना कर देते हैं।
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मेरी शिफ्ट रात में खत्म होती है। उस समय बस या ऑटो आसानी से नहीं मिलता। कई बार काफी देर इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में कैब करनी पड़ती है। - तनु
रात में सबसे बड़ी चिंता घर जल्दी और सुरक्षित पहुंचने की रहती है। अगर सार्वजनिक परिवहन नियमित मिले तो काफी राहत हो सकती है।- काजल