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20 हजार से अधिक के संपत्ति कर बकाएदारों को दोबारा नोटिस, नगर निगम लोगों को कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है
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Re-notice to property tax defaulters of more than 20 thousand, Municipal Corporation is encouraging people to deposit tax
फरीदाबाद। प्रदेश सरकार साल 2010-11 से साल 2020-21 तक संपत्ति कर जमा करने में ब्याज माफी की छूट दे रही है। ऐसे में नगर निगम लोगों को कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी के तहत अब निगम 20 हजार रुपये से अधिक के संपत्ति कर बकाएदारों को दोबारा से नोटिस भेज रहा है। इसमें उन्हें मूल कर, उस पर लगे ब्याज और अब जमा करने पर छूट का पूरा ब्योरा दे रहा है।
निगम के अनुसार करीब 900 संपत्तियों पर कार्रवाई कर करोड़ों रुपये की वसूली की गई है। जिन लोगों ने कर जमा नहीं कराया है, उनकी संपत्ति सील की जा रही है। इसी बीच एक जनवरी को प्रदेश सरकार ने लोगों को कर के ब्याज में छूट देने की घोषणा कर दी थी। पिछले सप्ताह इसे लेकर निगम को आदेश मिल गया। इसके लिए निगम पहले बीस हजार से ज्यादा के बकायेदारों को संपत्ति कर का पूरा ब्योरा भेजने जा रहा है। इसमें 31 मार्च 2021 तक ब्याज समेत बकाया राशि, एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2021 तक मूल राशि व सरकार के अनुसार मिलने वाली छूट के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही यदि 31 मार्च तक कर जमा नहीं करते हैं तो ब्याज जोड़कर कितना हो जाएगा के बारे में बताया जा रहा है। क्षेत्रीय काराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि संपत्ति कर सभी को देना अनिवार्य है। ऐसे में लोग इसका लाभ उठाए। तय समय पर कर न देने वालों पर कार्रवाई कर संपत्ति सील किया जाएगा। निगम के साल 2007 के सर्वे के अनुसार 2.5 लाख प्रॉपर्टी हैं।
सर्वे का डॉटा ऑनलाइन करने का निर्देश
प्रदेश सरकार ने एक निजी एजेंसी से नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों का सर्वे कराया था। इसमें करीब 5.5 लाख संपत्तियों को प्रॉपर्टी आईडी बनी है। निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि एजेंसी को सभी प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने को कहा है। जिससे उनसे भी कर वसूला जा सके। उन्होंने कहा कि इसमें सीवर-पानी समेत अन्य कर की जानकारी मिल सकेगी।
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31 मार्च के बाद 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज की दर पर ब्याज वसूल किया जायेगा। निगमायुक्त यशपाल यादव ने संपत्तिकर दाताओं से अपील की है कि संपत्ति कर की बकाया राशि तत्काल जमा कराये और सरकार की नीति का लाभ उठाए। संपत्तिकर https://online.ulbharyana.gov.in/eforms/PropertyTax.aspx पर जा कर के जमा करवाएं।
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निगम के अनुसार करीब 900 संपत्तियों पर कार्रवाई कर करोड़ों रुपये की वसूली की गई है। जिन लोगों ने कर जमा नहीं कराया है, उनकी संपत्ति सील की जा रही है। इसी बीच एक जनवरी को प्रदेश सरकार ने लोगों को कर के ब्याज में छूट देने की घोषणा कर दी थी। पिछले सप्ताह इसे लेकर निगम को आदेश मिल गया। इसके लिए निगम पहले बीस हजार से ज्यादा के बकायेदारों को संपत्ति कर का पूरा ब्योरा भेजने जा रहा है। इसमें 31 मार्च 2021 तक ब्याज समेत बकाया राशि, एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2021 तक मूल राशि व सरकार के अनुसार मिलने वाली छूट के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही यदि 31 मार्च तक कर जमा नहीं करते हैं तो ब्याज जोड़कर कितना हो जाएगा के बारे में बताया जा रहा है। क्षेत्रीय काराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि संपत्ति कर सभी को देना अनिवार्य है। ऐसे में लोग इसका लाभ उठाए। तय समय पर कर न देने वालों पर कार्रवाई कर संपत्ति सील किया जाएगा। निगम के साल 2007 के सर्वे के अनुसार 2.5 लाख प्रॉपर्टी हैं।
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सर्वे का डॉटा ऑनलाइन करने का निर्देश
प्रदेश सरकार ने एक निजी एजेंसी से नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों का सर्वे कराया था। इसमें करीब 5.5 लाख संपत्तियों को प्रॉपर्टी आईडी बनी है। निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि एजेंसी को सभी प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने को कहा है। जिससे उनसे भी कर वसूला जा सके। उन्होंने कहा कि इसमें सीवर-पानी समेत अन्य कर की जानकारी मिल सकेगी।
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31 मार्च के बाद 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज की दर पर ब्याज वसूल किया जायेगा। निगमायुक्त यशपाल यादव ने संपत्तिकर दाताओं से अपील की है कि संपत्ति कर की बकाया राशि तत्काल जमा कराये और सरकार की नीति का लाभ उठाए। संपत्तिकर https://online.ulbharyana.gov.in/eforms/PropertyTax.aspx पर जा कर के जमा करवाएं।