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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Raja Nahar Singh Palace, Rani ki Chhatri and Parson Temple are the heritage sites of the city.

Faridabad News: राजा नाहर सिंह महल, रानी की छतरी और परसोन मंदिर शहर की विरासत

Fri, 17 Apr 2026 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:43 PM IST
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Raja Nahar Singh Palace, Rani ki Chhatri and Parson Temple are the heritage sites of the city.
रानी की छतरी की फाइल फोटो ।
भारती दुबे
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फरीदाबाद। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने और विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राजा नाहर सिंह महल, रानी की छतरी और परसोन मंदिर जैसे प्रमुख स्थल न केवल शहर की पहचान हैं, बल्कि इन्हें पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत बनाने की तैयारी भी जारी है।





इतिहास से जुड़ी रानी की छतरी आज भी आकर्षण का केंद्र



बल्लभगढ़ स्थित रानी की छतरी भी शहर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। वर्ष 1818 में राजा अनिरुद्ध सिंह की स्मृति में उनकी रानी की ओर से बनवाया गया यह स्मारक अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। यहां बना सीढ़ी दार तालाब और उससे जुड़ी सुरंग की कहानी आज भी लोगों को आकर्षित करती है। हालांकि तालाब में अभी पानी नहीं है। लाखोरी ईंटों से बना यह तालाब उस समय की जल संरक्षण तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है। फिलहाल इसकी स्थिति ठीक नहीं है। प्रशासन की ओर से रानी की छतरी का जीर्णोद्धार चल रहा है। इसके लिए बजट को मंजूरी मिल चुकी है। मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इसे पूरा तैयार कर दिया जाएगा।
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महल नक्काशीदार मेहराबों, आंगन और राजसी कमरों के लिए प्रसिद्ध



राजा नाहर सिंह महल, जिसे बल्लभगढ़ का किला भी कहा जाता है, बल्लभगढ़ में स्थित 18वीं सदी का एक ऐतिहासिक धरोहर स्थल है। 1739 में राव बलराम की ओर से शुरू किया गया यह महल, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायक राजा नाहर सिंह के वीरतापूर्ण इतिहास को दर्शाता है। महल अपनी खूबसूरती के कारण, यह स्थल फिल्मों और टीवी सीरियलों की शूटिंग के लिए भी एक लोकप्रिय स्थान है।
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राजा नाहर सिंह महल अपनी बेहतरीन नक्काशीदार मेहराबों, आंगन और राजसी कमरों के लिए प्रसिद्ध है। आज भी लोग घूमने के लिए और इतिहास जानने के लिए यहां आते हैं। अब इसमें हैरीटेज होटल है, जिसमें 6 सजे-धजे कमरे, एक रेस्तरां, बार और लाउंज शामिल हैं।



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परसोन मंदिर में त्रेता युग में आए थे हनुमान जी



अंखिर गांव में अरावली पहाड़ियों की गोद में स्थित परसोन मंदिर शहर की धरोहर है। यह एक प्राचीन और शांत धार्मिक स्थल है। माना जाता है कि यहां महर्षि पाराशर ने तपस्या की थी और त्रेता युग में हनुमान जी यहां आए थे, जहां आज भी उनके चरण चिह्न मौजूद हैं। बरसात के मौसम में यहां चट्टानों से पानी बहता है, जोकि बेहद खूबसूरत नजर आता है। लोग यहां बड़ी संख्या में घूमने के लिए और भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।



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लोगों से बातचीत



परसोन मंदिर काफी प्रसिंद्ध है। बरसात में पहाड़ों और चट्टानों से बहता पानी काफी सुंदर दिखाई देता है। मैं अपने परिवार के साथ यहां जरूर घूमने आता हूं। - प्रदीप, जवाहर कॉलोनी



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परसोन मंदिर में बजरंग बली जी यहां आए थे। आज भी उन के चरणों के निशान यहां मौजूद हैं। हमें गर्व है कि हम फरीदाबाद में रहते हैं और जिले की विरायत से रूबरू हो रहे हैं। - सत्येंद्र कौशिक, सेक्टर 4



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रानी की छतरी शहर की अलग ही पहचान है। यहां बना सीढ़ीदार तालाब और सुरंग को जल्द ही दोबारा से चालू कर दिया जाएगा, जिसके बाद हम फिर से विरासत का आनंद ले सकेंगे। - बलविंदर सिंह, एसजीएम नगर






राजा नाहर सिंह महल नायक राजा नाहर सिंह के वीरतापूर्ण इतिहास को दर्शाता है। उनका नाम सुनते ही आज भी हमारे अंदर एक जुनून की भावना जाग उठती है। - विपिन सिंह, नंगला पार्ट टू

रानी की छतरी की फाइल फोटो ।

रानी की छतरी की फाइल फोटो ।

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