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Faridabad News: रेनीवेल पाइपलाइन का लीकेज किया ठीक, किसानों ने ली राहत की सांस
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समाचार पत्र में खबर छपने के बाद हरकत में आया विभाग, मौके पर पहुंचकर कराई मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। गांव मंझावली के गढ़ी क्षेत्र में रेनीवेल पाइपलाइन से हो रहे लीकेज को संबंधित विभाग ने ठीक करा दिया है। लीकेज पर समाचार पत्र में खबर छपने पर विभाग हरकत में आया और समस्या का समाधान किया। लीकेज ठीक होने के बाद किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
पाइपलाइन से लगातार बह रहे पानी के कारण जिन खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, अब वहां पानी का फैलाव रुक गया है। इससे गेहूं समेत अन्य फसलों को और अधिक नुकसान होने से बचा लिया गया है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते लीकेज ठीक नहीं किया जाता तो उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती थी।
खबर के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर पूरा कराया। पाइपलाइन दुरुस्त होने से न केवल किसानों को राहत मिली है, बल्कि लाखों लीटर पानी की बर्बादी भी रुक गई है। इससे जल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव भी कम हुआ है।
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ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। मामला प्रकाशित होने के बाद ही प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। गांव मंझावली के गढ़ी क्षेत्र में रेनीवेल पाइपलाइन से हो रहे लीकेज को संबंधित विभाग ने ठीक करा दिया है। लीकेज पर समाचार पत्र में खबर छपने पर विभाग हरकत में आया और समस्या का समाधान किया। लीकेज ठीक होने के बाद किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
पाइपलाइन से लगातार बह रहे पानी के कारण जिन खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, अब वहां पानी का फैलाव रुक गया है। इससे गेहूं समेत अन्य फसलों को और अधिक नुकसान होने से बचा लिया गया है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते लीकेज ठीक नहीं किया जाता तो उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती थी।
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खबर के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर पूरा कराया। पाइपलाइन दुरुस्त होने से न केवल किसानों को राहत मिली है, बल्कि लाखों लीटर पानी की बर्बादी भी रुक गई है। इससे जल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव भी कम हुआ है।
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ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। मामला प्रकाशित होने के बाद ही प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।