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Faridabad News: गलियों में भरा बरसात का पानी बढ़ा सकता है मुश्किल, डेंगू- मलेरिया का खतरा
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इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के चार और मलेरिया का सात मामले सामने आ चुके हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गलियों व सड़कों पर भरा बरसात का पानी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इकट्ठे हुए पानी में धूप लगने के बाद डेंगू- मलेरिया का लार्वा पनप रहा है। इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के चार और मलेरिया का सात मामले सामने आ चुके हैं। वहीं मलेरिया विभाग की टीम की ओर से करीब 1300 जगहों पर लार्वा नष्ट किया जा चुका है।
जिले में 2014 से लेकर 2024 तक डेंगू के 2521 मामले सामने आए हैं। शहर में हो रही लगातार बरसात के बाद से मलेरिया टीम सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम गठित की गई हैं जोकि जगह- जगह जाकर मटकों, कूलरों और पानी की टंकियों की जांच कर रही हैं। यदि कहीं भी लार्वा मिल रहा है तो उसे नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही जिन स्थानों पर लार्वा पाया गया है, उन लोगों को नोटिस भेजा गया है।
लोगों को नियमित रूप से टंकियों व कूलरों को साफ करने और आसपास पानी इकट्ठा न करने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया विभाग ने इसको लेकर स्वास्थ्य निरीक्षक को आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू का कोई निश्चित इलाज नहीं है लेकिन, उचित देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। डेंगू मलेरिया को लेकर चार जोन में 40 लोगों की टीम बनाई गईं हैं जोकि एनआईटी एक, एनआईटी दो, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र में जांच कर रही हैं।
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-- वर्जन
मलेरिया टीम अलग - अलग स्थानों पर जाकर जांच कर रही है। वहीं करीब 1300 जगहों पर लार्वा को नष्ट भी कर चुकी है। जांच में जहां - जहां लार्वा मिल रहा है, वहां दवाई डालकर नष्ट किया जा रहा है और लोगों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। - डॉ. रामभगत, जिला मलेरिया अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गलियों व सड़कों पर भरा बरसात का पानी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इकट्ठे हुए पानी में धूप लगने के बाद डेंगू- मलेरिया का लार्वा पनप रहा है। इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के चार और मलेरिया का सात मामले सामने आ चुके हैं। वहीं मलेरिया विभाग की टीम की ओर से करीब 1300 जगहों पर लार्वा नष्ट किया जा चुका है।
जिले में 2014 से लेकर 2024 तक डेंगू के 2521 मामले सामने आए हैं। शहर में हो रही लगातार बरसात के बाद से मलेरिया टीम सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम गठित की गई हैं जोकि जगह- जगह जाकर मटकों, कूलरों और पानी की टंकियों की जांच कर रही हैं। यदि कहीं भी लार्वा मिल रहा है तो उसे नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही जिन स्थानों पर लार्वा पाया गया है, उन लोगों को नोटिस भेजा गया है।
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लोगों को नियमित रूप से टंकियों व कूलरों को साफ करने और आसपास पानी इकट्ठा न करने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया विभाग ने इसको लेकर स्वास्थ्य निरीक्षक को आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू का कोई निश्चित इलाज नहीं है लेकिन, उचित देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। डेंगू मलेरिया को लेकर चार जोन में 40 लोगों की टीम बनाई गईं हैं जोकि एनआईटी एक, एनआईटी दो, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र में जांच कर रही हैं।
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मलेरिया टीम अलग - अलग स्थानों पर जाकर जांच कर रही है। वहीं करीब 1300 जगहों पर लार्वा को नष्ट भी कर चुकी है। जांच में जहां - जहां लार्वा मिल रहा है, वहां दवाई डालकर नष्ट किया जा रहा है और लोगों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। - डॉ. रामभगत, जिला मलेरिया अधिकारी