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घरों, दुकानों के बाहर लगेगी क्यूआर कोड वाली प्रॉपर्टी आईडी प्लेट
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फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में घरों और दुकानों के बाहर क्यूआर कोड वाली प्रॉपर्टी आईडी प्लेट लगाने की तैयारी चल रही है। एक निजी कंपनी के सर्वे के अनुसार निगम क्षेत्र में करीब 5.5 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। प्लेट पर प्रॉपर्टी आईडी नंबर और क्यूआर कोड होगा। क्यूआर कोड स्कैन करने से टैक्स समेत अन्य जानकारी मिल सकेगी।
प्रदेश सरकार ने याशी कंपनी से नगर निगम क्षेत्र में सभी प्रकार की प्रॉपर्टी का नए सिरे से सर्वे कराया हुआ है। पहले नगर निगम क्षेत्र में करीब 2.8 लाख प्रॉपर्टी थी, नए सर्वे में 5.5 लाख संपत्तियां हो गई हैं। इन सभी को पुनर्मूल्यांकन (रि-असिस्मेंट) नोटिस दिया जा रहा है जिससे यदि इसमें कोई गलती हो तो दूर किया जा सके। याशी कंपनी के अनुसार, अभी करीब एक लाख बिल भेजे गए हैं। इसमें करीब 3500-4000 लोगों की शिकायतें मिली हैं, जिसे ठीक किया जा रहा है। याशी के एनआईटी क्षेत्र के प्रभारी सौरभ ने बताया कि अभी बिलों को पुनर्मूल्यांकन के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बाद स्टील के क्यूआर कोड वाली प्रॉपर्टी (संपत्ति) आईडी प्लेट हर घर पर लगवाई जाएगी। इससे प्रॉपर्टी मालिक और नगर निगम को सहूलियतें मिलेंगी। लोग खुद अपनी प्रॉपर्टी के टैक्स को देख सकेंगे और ऑनलाइन भर सकेंगे। साथ ही निगम कर्मी भी क्यूआर कोड को स्कैन कर मौके पर मालिक को बिल दे सकेगा। निगम क्षेत्र में 45 वार्ड हैं।
मोबाइल पर भी मिलेगा मैसेज
नगर निगम अपनी सेवाओं में लगातार सुधार करने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत निगम सीवर-पानी और संपत्ति कर का मोबाइल पर मैसेज भेजेगा। इसके लिए संपत्ति मालिकों के मोबाइल को अपडेट किया जा रहा है जिससे भविष्य में कर संबंधी सूचना मैसेज से लोगों को मिल सके। इसी प्रकार बिजली निगम कर रहा है। क्षेत्रीय कराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि सभी के मोबाइल को भी अपडेट किया जा रहा है। लोगों को मोबाइल पर बिल भेजने की योजना है।
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प्रदेश सरकार ने याशी कंपनी से नगर निगम क्षेत्र में सभी प्रकार की प्रॉपर्टी का नए सिरे से सर्वे कराया हुआ है। पहले नगर निगम क्षेत्र में करीब 2.8 लाख प्रॉपर्टी थी, नए सर्वे में 5.5 लाख संपत्तियां हो गई हैं। इन सभी को पुनर्मूल्यांकन (रि-असिस्मेंट) नोटिस दिया जा रहा है जिससे यदि इसमें कोई गलती हो तो दूर किया जा सके। याशी कंपनी के अनुसार, अभी करीब एक लाख बिल भेजे गए हैं। इसमें करीब 3500-4000 लोगों की शिकायतें मिली हैं, जिसे ठीक किया जा रहा है। याशी के एनआईटी क्षेत्र के प्रभारी सौरभ ने बताया कि अभी बिलों को पुनर्मूल्यांकन के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बाद स्टील के क्यूआर कोड वाली प्रॉपर्टी (संपत्ति) आईडी प्लेट हर घर पर लगवाई जाएगी। इससे प्रॉपर्टी मालिक और नगर निगम को सहूलियतें मिलेंगी। लोग खुद अपनी प्रॉपर्टी के टैक्स को देख सकेंगे और ऑनलाइन भर सकेंगे। साथ ही निगम कर्मी भी क्यूआर कोड को स्कैन कर मौके पर मालिक को बिल दे सकेगा। निगम क्षेत्र में 45 वार्ड हैं।
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मोबाइल पर भी मिलेगा मैसेज
नगर निगम अपनी सेवाओं में लगातार सुधार करने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत निगम सीवर-पानी और संपत्ति कर का मोबाइल पर मैसेज भेजेगा। इसके लिए संपत्ति मालिकों के मोबाइल को अपडेट किया जा रहा है जिससे भविष्य में कर संबंधी सूचना मैसेज से लोगों को मिल सके। इसी प्रकार बिजली निगम कर रहा है। क्षेत्रीय कराधान अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि सभी के मोबाइल को भी अपडेट किया जा रहा है। लोगों को मोबाइल पर बिल भेजने की योजना है।
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