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Faridabad News: भाजपा के लिए काम आया पीएम, सीएम, गृहमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों का प्रचार
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नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नायब सैनी, योगी आदित्यनाथ का रहा प्रत्याशियों की जीत में योगदान
कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा बनाई गई दूरी से कांग्रेस प्रत्याशियों को हुआ नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जनसभा, रैली व रोड शो तक किए। चुनाव प्रचार की शुरुआत से लेकर अंत तक भाजपा ने बढ़त बनाए रखी। दरअसल चुनाव के दौरान भाजपा ने बिना पर्ची-खर्ची 1 लाख 40 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने को चुनावी मुद्दा मनाया। साथ ही भाजपा ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार बनने पर हर महीने महिलाओं के खाते में 2100 रुपये भेजेंगे। दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी की भी घोषणा की। पीएम से लेकर सीएम तक ने दलितों के लिए अनेक योजनाएं संचालित करके उन्हें लाभान्वित करने की बात अपने चुनाव प्रचार के दौरान कही। इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। फरीदाबाद में एक्सप्रेसवे बनाने के साथ इसे नेशनल हाईवे से जो़ड़ने की बात को प्रमुखता से उठाया। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं और उनके मंत्रियों का भाषण उपरोक्त विषयों पर केंद्रित रहा। यही कारण रहा है कि भाजपा जिले की छह में से पांच सीटें जीत सकी है।
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कांग्रेस के बड़े नेताओं के बेरुखी पड़ी भारी
कांग्रेस ने भले ही चुनाव प्रचार के दौरान पूरे प्रदेश में बेरोजगारी, दलित आरक्षण, किसानों को विभिन्न फसलों पर एमएसपी को बड़ा मुद्दा बनाया, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेता इस मुद्दे को भुनाने के लिए जिले में नहीं पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार के लिए फरीदाबाद नहीं पहुंचे। चुनाव प्रचार का पूरा जिम्मा भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह ने उठाया। प्रचार के लिए पहुंचे राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाईं। कांग्रेस के प्रत्याशी जवान, किसान, पहलवान मुद्दे को भुनाने में नाकाम रहे। उनका पूरा ध्यान स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहा।
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नहीं चला केजरीवाल और मायावती का जादू
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) महासचिव अभय चौटाला, जननायक जनता पार्टी ( जेजेपी ) नेता दुष्यंत चौटाला, उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (एएसपी) अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद तक ने अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार तक किया, लेकिन इनका कोई खास जादू नहीं चला।
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कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा बनाई गई दूरी से कांग्रेस प्रत्याशियों को हुआ नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जनसभा, रैली व रोड शो तक किए। चुनाव प्रचार की शुरुआत से लेकर अंत तक भाजपा ने बढ़त बनाए रखी। दरअसल चुनाव के दौरान भाजपा ने बिना पर्ची-खर्ची 1 लाख 40 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने को चुनावी मुद्दा मनाया। साथ ही भाजपा ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार बनने पर हर महीने महिलाओं के खाते में 2100 रुपये भेजेंगे। दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी की भी घोषणा की। पीएम से लेकर सीएम तक ने दलितों के लिए अनेक योजनाएं संचालित करके उन्हें लाभान्वित करने की बात अपने चुनाव प्रचार के दौरान कही। इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। फरीदाबाद में एक्सप्रेसवे बनाने के साथ इसे नेशनल हाईवे से जो़ड़ने की बात को प्रमुखता से उठाया। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं और उनके मंत्रियों का भाषण उपरोक्त विषयों पर केंद्रित रहा। यही कारण रहा है कि भाजपा जिले की छह में से पांच सीटें जीत सकी है।
कांग्रेस के बड़े नेताओं के बेरुखी पड़ी भारी
कांग्रेस ने भले ही चुनाव प्रचार के दौरान पूरे प्रदेश में बेरोजगारी, दलित आरक्षण, किसानों को विभिन्न फसलों पर एमएसपी को बड़ा मुद्दा बनाया, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेता इस मुद्दे को भुनाने के लिए जिले में नहीं पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार के लिए फरीदाबाद नहीं पहुंचे। चुनाव प्रचार का पूरा जिम्मा भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह ने उठाया। प्रचार के लिए पहुंचे राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाईं। कांग्रेस के प्रत्याशी जवान, किसान, पहलवान मुद्दे को भुनाने में नाकाम रहे। उनका पूरा ध्यान स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहा।
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नहीं चला केजरीवाल और मायावती का जादू
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) महासचिव अभय चौटाला, जननायक जनता पार्टी ( जेजेपी ) नेता दुष्यंत चौटाला, उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (एएसपी) अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद तक ने अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार तक किया, लेकिन इनका कोई खास जादू नहीं चला।
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