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स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की तैयारी : नगर निगम को खस्ताहाल होते जा रहे सार्वजनिक शौचालयों के भरोसे बेहतर रैंकिंग की उम्मीद
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Preparation of cleanliness survey 2022
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फरीदाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 शुरू हो गया है। नगर निगम खस्ताहाल होते जा रहे सार्वजनिक शौचालयों के भरोसे बेहतर रैंकिंग की उम्मीद कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि इस बार रैंकिंग बहुत अच्छी लेकर आएंगे। इसको लेकर शहर को साफ-सुथरा किया जा रहा है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 31 दिसंबर को मेगा स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता दिवस भी मनाया जाएगा।
बावजूद एनआईटी पांच गोल चक्कर, एनआईटी स्थित नीलम चौक आदि स्थानों पर मौजूद सार्वजनिक शौचालयों का हाल खस्ता है। गंदगी के चलते लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। शहर में दर्जनों सार्वजनिक शौचालय हैं। इसके अलावा निगम कई जगहों पर डिलक्स शौचालय भी बनाया है। जहां शुल्क लिए जाते हैं, वहां तो हाल ठीक है। लेकिन निशुल्क शौचालयों की हालत देखरेख के अभाव में खराब है। ऐसे में नगर निगम द्वारा किए जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है। एनआईटी एक मार्केट, ओल्ड मार्केट, सराय मार्केट समेत कई ऐसे बड़े मार्केट हैं। जहां सार्वजनिक शौचालयों का अभाव है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे कहीं भी सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों का दावा है कि शहर को खुले में शौच मुक्त करने का पूरा प्रयास है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम का यह प्रयास धरातल पर नहीं दिख रहा।
मनाया जाएगा स्वच्छता दिवस
नगर निगम 31 दिसंबर को शहर में स्वच्छता दिवस मनाएगा। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर है। स्वच्छता दिवस से कई दिन पहले ही शहर को साफ सुथरा करने का कार्य शुरू कर दिया गया। लेकिन इस दौरान अधिकारी कर्मचारी सार्वजनिक शौचालयों को भूल गए। हालांकि स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि स्वच्छता दिवस पर निगम के अधिकारियों की नजर सार्वजनिक शौचालयों पर पड़ेगी और इसको बेहतर बनाया जाएगा।
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शौचालयों में मरम्मत कार्य जल्द कराया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यकारी अभियंता को आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा नोडल अधिकारी से भी कहा जाएगा कि वह सार्वजनिक शौचालयों की समुचित देखरेख करें। - रामजी लाल, मुख्य इंजीनियर, नगर निगम।
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बावजूद एनआईटी पांच गोल चक्कर, एनआईटी स्थित नीलम चौक आदि स्थानों पर मौजूद सार्वजनिक शौचालयों का हाल खस्ता है। गंदगी के चलते लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। शहर में दर्जनों सार्वजनिक शौचालय हैं। इसके अलावा निगम कई जगहों पर डिलक्स शौचालय भी बनाया है। जहां शुल्क लिए जाते हैं, वहां तो हाल ठीक है। लेकिन निशुल्क शौचालयों की हालत देखरेख के अभाव में खराब है। ऐसे में नगर निगम द्वारा किए जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है। एनआईटी एक मार्केट, ओल्ड मार्केट, सराय मार्केट समेत कई ऐसे बड़े मार्केट हैं। जहां सार्वजनिक शौचालयों का अभाव है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे कहीं भी सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों का दावा है कि शहर को खुले में शौच मुक्त करने का पूरा प्रयास है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम का यह प्रयास धरातल पर नहीं दिख रहा।
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मनाया जाएगा स्वच्छता दिवस
नगर निगम 31 दिसंबर को शहर में स्वच्छता दिवस मनाएगा। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर है। स्वच्छता दिवस से कई दिन पहले ही शहर को साफ सुथरा करने का कार्य शुरू कर दिया गया। लेकिन इस दौरान अधिकारी कर्मचारी सार्वजनिक शौचालयों को भूल गए। हालांकि स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि स्वच्छता दिवस पर निगम के अधिकारियों की नजर सार्वजनिक शौचालयों पर पड़ेगी और इसको बेहतर बनाया जाएगा।
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शौचालयों में मरम्मत कार्य जल्द कराया जाएगा। इसके लिए सभी कार्यकारी अभियंता को आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा नोडल अधिकारी से भी कहा जाएगा कि वह सार्वजनिक शौचालयों की समुचित देखरेख करें। - रामजी लाल, मुख्य इंजीनियर, नगर निगम।