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Faridabad News: सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों को मिलेगा गुड़-चना, स्वास्थ्य विभाग की नई पहल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब गुड़ और चना उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत इस योजना को शुरू करने की तैयारी कर ली है। योजना लागू करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से करीब 18 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
विभाग के अनुसार यह सुविधा बीके नागरिक अस्पताल के साथ-साथ जिले के सामुदायिक, प्राथमिक, शहरी और उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी दी जाएगी। अभी तक सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों के लिए इस तरह की पोषण व्यवस्था नहीं थी।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में खून और आयरन की कमी को दूर करना है। आयरन की कमी के कारण गर्भावस्था के दौरान कई तरह की जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जिससे मां और शिशु दोनों की सेहत प्रभावित होती है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रोणिता अहलावत ने बताया कि गुड़ और चना आयरन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याओं में राहत मिलती है और गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक व शारीरिक विकास को भी मदद मिलती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जल्द ही सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
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फरीदाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब गुड़ और चना उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत इस योजना को शुरू करने की तैयारी कर ली है। योजना लागू करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से करीब 18 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
विभाग के अनुसार यह सुविधा बीके नागरिक अस्पताल के साथ-साथ जिले के सामुदायिक, प्राथमिक, शहरी और उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी दी जाएगी। अभी तक सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों के लिए इस तरह की पोषण व्यवस्था नहीं थी।
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स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में खून और आयरन की कमी को दूर करना है। आयरन की कमी के कारण गर्भावस्था के दौरान कई तरह की जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जिससे मां और शिशु दोनों की सेहत प्रभावित होती है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रोणिता अहलावत ने बताया कि गुड़ और चना आयरन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याओं में राहत मिलती है और गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक व शारीरिक विकास को भी मदद मिलती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जल्द ही सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।