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Faridabad News: अल्ट्रासाउंड के लिए फर्श पर बैठकर बारी का इंतजार करती हैं गर्भवती

Tue, 13 Jun 2023 07:33 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Tue, 13 Jun 2023 07:33 PM IST
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Pregnant women sit on the floor waiting for their turn for ultrasound
बीके नागरिक अस्पताल का हाल, उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने में परेशानी हो रही है। अल्ट्रासाउंड के कमरा नंबर 33-34 के बाहर बेंच की सुविधा नहीं होने पर गर्भवती महिलाओं को फर्श पर बैठकर ही अपना नंबर का इंतजार करना पड़ता है।
बीके अस्पताल में हर रोज हजारों मरीज उपचार करने के लिए आते हैं, जिसमें से 200 से 250 महिलाओं भी स्त्री रोग विशेषज्ञ से उपचार करवाती हैं। इन महिलाओं में ज्यादातर गर्भवती होती हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनू का कहना है कि गर्भवती महिला को 9 महीने के दौरान कम से कम तीन बार अल्ट्रासाउंड करवाना चाहिए। सबसे पहले तीन महीने पूरे होने के बाद, क्योंकि तीन महीने पूरे होने के बाद अगर गर्भ में पल रहे बच्चे में कोई परेशानी होती है तो उसको समय पर दवाइयों व उपचार के माध्यम से ठीक कर सकते हैं। हर रोज 50 से 60 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए कहा जाता है।
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कमरा नंबर 33 व 34 में होता है अल्ट्रासाउंड
बीके अस्पताल के कमरा नंबर 33 व 34 में अल्ट्रासाउंड होता है। कमरा नंबर 33 में गर्भवती महिलाओं का और सामान्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड कमरा नंबर 34 में होता है। दोनों कमरों के बाहर मरीजों के बैठने के लिए बेंच की सुविधा नहीं है। महिला मीनू ने बताया कि वह दो बार अल्ट्रासाउंड करवा चुकी है। उनको कभी भी बैठने के लिए बेंच नहीं मिला है जिसके चलते वह कमरे के बाहर फर्श पर बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार करती है।
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शिशु के लिए हानिकारक
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वरुण ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था करने को कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। कुछ दिन बेंच रखे होते हैं, उसके बाद उनको उठाकर ओपीडी में रख दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को फर्श पर बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ता है, जोकि उनके शिशु के लिए हानिकारक है।
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