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Faridabad News: प्रतापगढ़ की मास्टर सीवर लाइनों की होगी सफाई और मरम्मत
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फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने 3 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की मास्टर सीवर व्यवस्था को सुधारने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने योजना तैयार की है। इसके तहत प्रतापगढ़ मास्टर पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) से जुड़ी सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत कराई जाएगी। लाइनों से गाद और अवरोध हटाने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्वास भी किया जाएगा। इसके लिए एफएमडीए ने करीब 3 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता समुंदर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सीवर लाइन के पुनर्वास के लिए सीआईपीपी (क्योर-इन-प्लेस पाइप) स्ट्रक्चरल लाइनिंग तकनीक का प्रावधान किया गया है। इसमें पुरानी पाइपलाइन को पूरी तरह खोदकर बदलने के बजाय उसके अंदर नई संरचनात्मक लाइनिंग तैयार की जाएगी। इससे बड़े स्तर पर सड़क की खुदाई से बचा जाएगा। साथ ही यातायात और स्थानीय आवागमन पर पड़ने वाला असर भी कम होगा।
परियोजना के तहत इसमें मास्टर सीवर लाइनों की सफाई, डी-सिल्टिंग, क्षतिग्रस्त लाइन के पुनर्वास और इससे जुड़े अन्य जरूरी कार्य शामिल हैं। एफएमडीए के अनुसार काम शुरू होने के बाद संबंधित लाइनों की स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्य किए जाएंगे। एक साल की समयसीमा में परियोजना पूरी होने से मास्टर सीवर नेटवर्क की कार्यक्षमता बेहतर होने और सीवर निकासी से जुड़ी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की मास्टर सीवर व्यवस्था को सुधारने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने योजना तैयार की है। इसके तहत प्रतापगढ़ मास्टर पंपिंग स्टेशन (एमपीएस) से जुड़ी सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत कराई जाएगी। लाइनों से गाद और अवरोध हटाने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्वास भी किया जाएगा। इसके लिए एफएमडीए ने करीब 3 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता समुंदर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सीवर लाइन के पुनर्वास के लिए सीआईपीपी (क्योर-इन-प्लेस पाइप) स्ट्रक्चरल लाइनिंग तकनीक का प्रावधान किया गया है। इसमें पुरानी पाइपलाइन को पूरी तरह खोदकर बदलने के बजाय उसके अंदर नई संरचनात्मक लाइनिंग तैयार की जाएगी। इससे बड़े स्तर पर सड़क की खुदाई से बचा जाएगा। साथ ही यातायात और स्थानीय आवागमन पर पड़ने वाला असर भी कम होगा।
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परियोजना के तहत इसमें मास्टर सीवर लाइनों की सफाई, डी-सिल्टिंग, क्षतिग्रस्त लाइन के पुनर्वास और इससे जुड़े अन्य जरूरी कार्य शामिल हैं। एफएमडीए के अनुसार काम शुरू होने के बाद संबंधित लाइनों की स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्य किए जाएंगे। एक साल की समयसीमा में परियोजना पूरी होने से मास्टर सीवर नेटवर्क की कार्यक्षमता बेहतर होने और सीवर निकासी से जुड़ी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
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