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Faridabad News: औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित
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रोजाना छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति रहती है बाधित, उद्योगपति हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बल्लभगढ़, मुजेड़ी, डीएलएफ, मुजेसर और वाईएमसीए औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिदिन छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उद्योगपतियों का कहना है कि बगैर पूर्व सूचना के बिजली गुल होने से मशीनों में डाला गया कच्चा माल खराब हो जाता है, जिससे लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा उत्पादन लागत भी बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ रहा है। लघु उद्योग भारती बल्लभगढ़ के प्रधान अशोक चौधरी ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया था, आश्वासन के बावजूद कोई लाभ नहीं हो रहा है।
बिजली निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहर में ट्रांसफार्मर और वितरण प्रणाली पर अत्यधिक लोड से यह कटौती हो रही है। निगम जल्द ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक लाइनें जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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कच्चे माल का होता है नुकसान
मुजेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के राजीव लाल का कहना है जब बिजली अचानक जाती है तो चल रही मशीनें रुक जाती हैं और उनके अंदर चल रही प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। इससे कच्चा माल खराब हो जाता है। वहीं, मशीनें बंद और शुरू होने से उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। बताते है कि पिछले सप्ताह उनकी फैक्ट्री में कच्चे माल की पूरी बैच बिजली कट के कारण खराब हो गई। इससे करीब 1.5 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
उत्पादन लागत में हो रहा है इजाफा
अघोषित बिजली कटौती के कारण फैक्ट्री को चलाने के जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते यह व्यवस्था बेहद महंगी साबित हो रही है। एक औसत यूनिट को प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जिससे प्रतिदिन का खर्च हजारों रुपये तक पहुंच रहा है।
आवासीय क्षेत्रों में भी बिजली कटौती से लोग परेशान
शहर के आवासीय क्षेत्रों में भी बिजली कटौती आम हो गई है। रविवार देर रात से सोमवार देर शाम तक सेक्टर 7, 9, 21डी, एनआईटी सहित कई पॉश कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। रोजाना 8 से 19 घंटे बिजली बाधित हो रही है। सेक्टर-21 निवासी निभा लाल का कहना है की रविवार रात को प्रत्येक एक घंटे के बाद बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रही। दिन में तो घंटों बिजली नहीं आती। इससे गर्मी में बेहाल होना पड़ता है। पानी की आपूर्ति भी बाधित होती है क्योंकि मोटर नहीं चल पाती। इनवर्टर भी जवाब दे देता हैं।
वर्जन
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इसे हर संभव दूर करने का प्रयास किया जाता है। -जितेंद्र ढुल, बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बल्लभगढ़, मुजेड़ी, डीएलएफ, मुजेसर और वाईएमसीए औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिदिन छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उद्योगपतियों का कहना है कि बगैर पूर्व सूचना के बिजली गुल होने से मशीनों में डाला गया कच्चा माल खराब हो जाता है, जिससे लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा उत्पादन लागत भी बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ रहा है। लघु उद्योग भारती बल्लभगढ़ के प्रधान अशोक चौधरी ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया था, आश्वासन के बावजूद कोई लाभ नहीं हो रहा है।
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बिजली निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहर में ट्रांसफार्मर और वितरण प्रणाली पर अत्यधिक लोड से यह कटौती हो रही है। निगम जल्द ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक लाइनें जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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कच्चे माल का होता है नुकसान
मुजेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के राजीव लाल का कहना है जब बिजली अचानक जाती है तो चल रही मशीनें रुक जाती हैं और उनके अंदर चल रही प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। इससे कच्चा माल खराब हो जाता है। वहीं, मशीनें बंद और शुरू होने से उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। बताते है कि पिछले सप्ताह उनकी फैक्ट्री में कच्चे माल की पूरी बैच बिजली कट के कारण खराब हो गई। इससे करीब 1.5 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
उत्पादन लागत में हो रहा है इजाफा
अघोषित बिजली कटौती के कारण फैक्ट्री को चलाने के जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते यह व्यवस्था बेहद महंगी साबित हो रही है। एक औसत यूनिट को प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जिससे प्रतिदिन का खर्च हजारों रुपये तक पहुंच रहा है।
आवासीय क्षेत्रों में भी बिजली कटौती से लोग परेशान
शहर के आवासीय क्षेत्रों में भी बिजली कटौती आम हो गई है। रविवार देर रात से सोमवार देर शाम तक सेक्टर 7, 9, 21डी, एनआईटी सहित कई पॉश कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। रोजाना 8 से 19 घंटे बिजली बाधित हो रही है। सेक्टर-21 निवासी निभा लाल का कहना है की रविवार रात को प्रत्येक एक घंटे के बाद बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रही। दिन में तो घंटों बिजली नहीं आती। इससे गर्मी में बेहाल होना पड़ता है। पानी की आपूर्ति भी बाधित होती है क्योंकि मोटर नहीं चल पाती। इनवर्टर भी जवाब दे देता हैं।
वर्जन
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती। इससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इसे हर संभव दूर करने का प्रयास किया जाता है। -जितेंद्र ढुल, बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता