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Faridabad News: मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की
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334 दिन से धरने पर बैठे हैं बड़ौली और प्रह्लादपुर के किसान
645 रुपये प्रति गज मुआवजे को बताया नाकाफी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को काले झंडे दिखाने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर और उनके समर्थकों को पुलिस ने डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के सेक्टर-9-13 कट पर फ्लाईओवर के पास रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों की जमीन का करीब 16 वर्ष पहले अधिग्रहण किया गया था। उस समय जमीन का मुआवजा 645 रुपये प्रति गज निर्धारित किया गया था। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों के मुकाबले यह राशि बेहद कम है इसलिए सरकार लैंड पूलिंग योजना के तहत उनकी समस्या का समाधान करे और अधिग्रहीत जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराए।
किसानों के अनुसार, अधिग्रहीत जमीन पर 500 से अधिक पुराने मकान बने हुए हैं। वे इन मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखने और अपना मालिकाना हक बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं। किसानों का धरना पिछले 334 दिनों से जारी है।
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वीरपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया गया था। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर के सामने भी मामला उठाया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में मेहर चंद, चंद्रपाल, विजयपाल चंदेला, रणवीर, वीरेंद्र चंदीला सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
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645 रुपये प्रति गज मुआवजे को बताया नाकाफी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को काले झंडे दिखाने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर और उनके समर्थकों को पुलिस ने डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के सेक्टर-9-13 कट पर फ्लाईओवर के पास रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों की जमीन का करीब 16 वर्ष पहले अधिग्रहण किया गया था। उस समय जमीन का मुआवजा 645 रुपये प्रति गज निर्धारित किया गया था। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों के मुकाबले यह राशि बेहद कम है इसलिए सरकार लैंड पूलिंग योजना के तहत उनकी समस्या का समाधान करे और अधिग्रहीत जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराए।
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किसानों के अनुसार, अधिग्रहीत जमीन पर 500 से अधिक पुराने मकान बने हुए हैं। वे इन मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखने और अपना मालिकाना हक बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं। किसानों का धरना पिछले 334 दिनों से जारी है।
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वीरपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया गया था। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर के सामने भी मामला उठाया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में मेहर चंद, चंद्रपाल, विजयपाल चंदेला, रणवीर, वीरेंद्र चंदीला सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।