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Faridabad News: केस दर्ज होने के एक महीने बाद भी बाल श्रम के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस

Thu, 04 Jan 2024 10:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 10:22 PM IST
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Police is not arresting the accused of child labor even after a month of registering the case
मासूम का आयु प्रमाण पत्र दबाकर हड्डियों की जांच कराकर आयु का पता लगाने में लगी है
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बिल्डर के घर बाल श्रम करते किया था रेस्क्यू, माता-पिता का हो चुका है देहांत


कैलाश गठवाल


फरीदाबाद। सेक्टर-17 स्थित एक बिल्डर के घर बाल श्रम करती मिली 14 साल की मासूम को पुलिस के ढीले रवैये के कारण न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। केस दर्ज हुए एक महीना हो जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है । सूत्रों के मुताबिक बच्ची के स्कूल से उम्र के आयु प्रमाण पत्र की काॅपी पुलिस और चाइल्ड लाइन के पास आ चुकी है। लेकिन पुलिस मामले को लंबा खीचने के लिए बच्ची की हड्डियों की जांच कराकर आयु का पता लगाने में लगी है। बच्ची के गांव के सरपंच द्वारा ये भी प्रमाणित किया जा चुका है कि बच्ची के माता-पिता का देहांत हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस केस को जल्दी निपटाने की बजाय जांच में समय लगा रही है।

पांच दिसंबर को राष्ट्रीय बाल आयोग की सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन जिला बाल सरंक्षण इकाई व नव सृष्टि संस्था के साथ मिलकर चाइल्ड हेल्पलाइन से प्रदीप कुमार ने हवलदार जफर इकबाल को साथ लेकर सेक्टर 17 के मकान नंबर -1170 से अनिला नाम के व्यक्ति के घर से बच्ची को बरामद किया था। बच्ची ने बताया था कि उसकी उम्र -14 साल है और वह पश्चिम बंगाल के जिला मिदनापुर स्थित कोन्ट्री गांव की रहने वाली है। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने जेजे एक्ट और मानव तस्करी की धारा में केस दर्ज कर लिया। अगले दिन बच्ची ने अदालत में बताया उसके अलावा तीन और बच्ची हैं, जिन्हें काम पर लगाया गया है। सभी को एक अंकल गांव से दिल्ली लाए और दो दिन बाद एक आंटी उसे अनिल के यहां छोड़ गईं। उससे घर का सारा काम कराया जाता है। उसका फोन भी छीन लिया गया।
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बच्ची को दिल्ली से लाने वाली महिला के प्रति भी नर्म है पुलिस



बच्ची के मामले में पुलिस की भूमिका खास अच्छी नहीं है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य सुनील यादव ने बताया कि बच्ची को दिल्ली से लाने वाली महिला फरीदाबाद आई थी। महिला ने माना कि वह बच्ची को 50 हजार रुपये में लेकर आई थी। इसके बदले परिवार को चार हजार रुपया मासिक दिया जाता था। महिला के साथ एक और बच्ची और दो महिला भी आई थी। कमेटी ने मामले की जांच कर रहे जफर इकबाल को महिला के आने की सूचना दी लेकिन जांच अधिकारी ने महिला से कहा जरूरत पड़ने पर तुम्हें बुला लेंगे। फिलहाल बच्ची को आश्रय स्थल में रखा गया है।
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स्कूल सर्टिफिकेट में 13 साल दो माह की है मासूम

बंगाल पुलिस ने बच्ची के स्कूल से जो आयु प्रमाण भेजा है, उसके मुताबिक जन्म की तिथि 22 अक्तूबर 2010 है। साल 2021 में उसने स्कूल छोड़ा है, वह छठी कक्षा की छात्रा थी। गांव के प्रधान ने प्रमाणित किया है कि बच्ची के माता पिता को देहांत हो चुका है।



बच्ची 24 घंटे घर में सहायिका का काम करती थी। चाइल्ड लाइन ने जब बच्ची को बरामद किया तो घर में बच्ची और बिल्डर के अलावा कोई नहीं था। आरोपी ने बच्ची को बिना पुलिस वेरिफिकेशन, बिना आधार कार्ड, बिना किसी कागजात के ही एक साल से घर में रख रखा था। ऐसे में उसके साथ कोई अनहोनी हो जाती तो बच्ची की पहचान करना भी मुश्किल था।


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बच्ची की हड्डियों की गुरुग्राम में जांच

थाना सेक्टर 17 प्रभारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि आयु प्रमाण पत्र आया है, ये उनके संज्ञान में नहीं है। बच्ची की हड्डियों की जांच के लिए गुरुग्राम ले जाया गया था। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। आयु प्रमाणित होती ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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