{"_id":"6aa2e5ee703b1b30610d77d9","slug":"plot-registration-not-done-even-after-12-years-fir-registered-following-court-order-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-79630-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: 12 साल बाद भी नहीं हुई प्लॉट की रजिस्ट्री, कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: 12 साल बाद भी नहीं हुई प्लॉट की रजिस्ट्री, कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
विज्ञापन
अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त रकम मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्लॉट खरीदने के लिए करीब 12 साल पहले पूरी रकम देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर थाना ओल्ड फरीदाबाद में एसकेएस डेवलपर्स समेत तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने रकम लेने के बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त रकम भी ली। सुदामा प्रसाद ने बताया कि मार्च 2012 में उन्होंने अपनी पत्नी मीरा देवी के नाम पर 100 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने के लिए एसकेएस डेवलपर्स से संपर्क किया था। कंपनी के कर्मचारी रवि भजपई ने प्लॉट से संबंधित दस्तावेज और जमीन की मंजूरी संबंधी कागजात दिखाए। इसके बाद 18 नवंबर 2013 को बिक्री का समझौता किया गया। प्लॉट की कुल कीमत 4.85 लाख रुपये तय हुई थी।
सुदामा प्रसाद ने 3.50 लाख रुपये चेक से और 1.35 लाख रुपये नकद दिए। आरोप है कि इसके बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद 25 हजार रुपये अतिरिक्त देने का भी आरोप है। वर्ष 2023 में कंपनी की कर्मचारी कविता ने रजिस्ट्री के कागजात के लिए 20 हजार रुपये और मांगे। शिकायतकर्ता ने 10 जून 2023 को यह रकम भी दे दी।शिकायतकर्ता ने पहले 21 फरवरी 2024 को थाना पुलिस को शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर 13 नवंबर 2024 को डीसीपी कार्यालय में भी शिकायत दी गई। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। जेएमआईसी दीपाली सिंगला की अदालत से इस्तगासा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने आदेश दिए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि उनकी ओर से शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्लॉट खरीदने के लिए करीब 12 साल पहले पूरी रकम देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर थाना ओल्ड फरीदाबाद में एसकेएस डेवलपर्स समेत तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने रकम लेने के बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त रकम भी ली। सुदामा प्रसाद ने बताया कि मार्च 2012 में उन्होंने अपनी पत्नी मीरा देवी के नाम पर 100 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने के लिए एसकेएस डेवलपर्स से संपर्क किया था। कंपनी के कर्मचारी रवि भजपई ने प्लॉट से संबंधित दस्तावेज और जमीन की मंजूरी संबंधी कागजात दिखाए। इसके बाद 18 नवंबर 2013 को बिक्री का समझौता किया गया। प्लॉट की कुल कीमत 4.85 लाख रुपये तय हुई थी।
विज्ञापन
सुदामा प्रसाद ने 3.50 लाख रुपये चेक से और 1.35 लाख रुपये नकद दिए। आरोप है कि इसके बाद भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद 25 हजार रुपये अतिरिक्त देने का भी आरोप है। वर्ष 2023 में कंपनी की कर्मचारी कविता ने रजिस्ट्री के कागजात के लिए 20 हजार रुपये और मांगे। शिकायतकर्ता ने 10 जून 2023 को यह रकम भी दे दी।शिकायतकर्ता ने पहले 21 फरवरी 2024 को थाना पुलिस को शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर 13 नवंबर 2024 को डीसीपी कार्यालय में भी शिकायत दी गई। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। जेएमआईसी दीपाली सिंगला की अदालत से इस्तगासा पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने आदेश दिए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि उनकी ओर से शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन