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Faridabad News: सराय फाटक क्षेत्र में जलभराव से स्थायी राहत के लिए बिछाई जाएगी पाइपलाइन

Tue, 21 Apr 2026 10:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:43 PM IST
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Pipeline to be laid for permanent flood relief in Sarai Phatak area
रेलवे पुलिया से मथुरा रोड तक किया जाएगा काम, करोड़ो रुपये खर्च करेगा निगम, आधुनिक संपवेल का निर्माण भी होगा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के सबसे संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों में शामिल सराय फाटक के लिए लंबे समय बाद राहत की ठोस पहल सामने आई है। नगर निगम ने बरसात के दौरान बार-बार डूबने वाले इस इलाके की समस्या के स्थायी समाधान के लिए करोड़ों रुपये की स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल परियोजना शुरू की है। इसके तहत रेलवे पुलिया से मथुरा रोड तक नई निकासी लाइन बिछाने के साथ आधुनिक संपवेल का निर्माण किया जाएगा।

सराय फाटक और आसपास की कॉलोनियां हर मानसून में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझती है। हल्की बारिश में ही फाटक के आसपास पानी भर जाता है जिससे रेलवे यातायात प्रभावित होता है और लोगों की आवाजाही लगभग ठप हो जाती है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को हर साल आर्थिक नुकसान और असुविधा का सामना करना पड़ता है। नई परियोजना के पूरा होने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
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परियोजना के तहत करीब 400 एमएम की डक्टाइल आयरन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जो बरसाती पानी को तेजी से बाहर निकालने में सक्षम होगी। इसके साथ ही एक आधुनिक संपवेल बनाया जाएगा, जहां से पंपिंग के जरिये पानी को मुख्य निकासी तंत्र में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे जलभराव की स्थिति बनने से पहले ही पानी की निकासी सुनिश्चित हो सकेगी।
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छह महीने में पूरा होगा काम, दो साल रखरखाव अनिवार्य

नगर निगम ने इस परियोजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। खास बात यह है कि निर्माण एजेंसी को काम पूरा होने के बाद दो वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी, जिससे सिस्टम लंबे समय तक सुचारू बना रहे।

हाईटेक उपकरणों से लैस होगा सिस्टम

परियोजना में 40 एचपी क्षमता के दो नॉन-क्लॉग सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे ताकि गंदे पानी और ठोस कचरे के बावजूद निकासी बाधित न हो। इसके अलावा 200 केवीए का ट्रांसफार्मर और समान क्षमता का डीजी सेट भी लगाया जाएगा जिससे बिजली कटौती के दौरान भी पंपिंग प्रभावित न हो। पंपिंग स्टेशन पर 24 घंटे स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षा और पर्यावरण मानकों पर सख्ती

निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत केबल और पाइपलाइन को नुकसान से बचाने के लिए कॉल बिफोर यू डिग सिस्टम का पालन किया जाएगा साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।

स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

यह परियोजना न केवल जलभराव की समस्या को कम करेगी बल्कि रेलवे फाटक के बार-बार बंद होने की स्थिति में भी सुधार लाएगी। इससे रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और आसपास के बाजारों की गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी। लंबे समय से लंबित इस समस्या के समाधान की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।


जलभराव की समस्या को लेकर निगम की तरफ से तेजी से काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर रखकर जल्द से जल्द कार्य पूरा किया जाएगा। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
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