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Faridabad News: लोग बताएंगे शहर में कहां बनेंगे वेंडिंग जोन
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लोग अपनी सुविधा और समस्या को ध्यान में रखकर दे सकेंगे सुझाव, 5 मई तक भेज सकते हैं प्रस्ताव
- रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बनेगी नई व्यवस्था, वेंडिंग जोन तय करने से पहले जनता से मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में रोजी-रोटी चला रहे हजारों रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए अब एक व्यवस्थित और सुरक्षित कामकाज का माहौल तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। नगर निगम फरीदाबाद ने स्ट्रीट वेंडर्स के नियमन और पुनर्वास को लेकर व्यापक योजना पर काम शुरू करते हुए सामाजिक संगठनों, कंपनियों, फर्मों और आम लोगों से सीधे सुझाव मांगे हैं ताकि जमीनी जरूरतों के अनुसार व्यवस्था तैयार की जा सके। नगर निगम ने अपील की है कि वे अपने सुझाव या विस्तृत प्रस्ताव 5 मई 2026 तक ई-मेल या लिखित रूप में भेजें। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी से ऐसी व्यवस्था तैयार होगी, जो वेंडर्स और आम नागरिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि यह पहल स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग का विनियमन) अधिनियम-2014 और हरियाणा की संबंधित नियमावली के तहत की जा रही है। इसका मकसद जहां एक ओर वेंडर्स को सामाजिक सुरक्षा देना है वहीं दूसरी ओर शहर में अव्यवस्थित वेंडिंग से होने वाली दिक्कतों को भी दूर करना है। निगम की योजना सिर्फ जगह तय करने तक सीमित नहीं है। वेंडिंग जोन में स्वच्छता, कचरा निस्तारण, पानी, रोशनी और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही रेहड़ियों के डिजाइन को भी बेहतर बनाने की बात कही गई है, ताकि शहर की सुंदरता पर असर न पड़े।
शहर के नक्शे पर तय होंगे वेंडिंग जोन
निगम प्रशासन शहर में वेंडिंग जोन, प्रतिबंधित वेंडिंग जोन और नो-वेंडिंग जोन की स्पष्ट पहचान और सीमांकन करना चाहता है। इसके लिए अलग-अलग इलाकों की मांग, भीड़भाड़, यातायात और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुझाव मांगे गए हैं। योजना है कि जहां जरूरत हो, वहां नए वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं और जहां समस्या अधिक है वहां वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जाएं।
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नाइट मार्केट और फूड स्ट्रीट से बढ़ेगा रोजगार
प्रस्तावों में वीकेंड मार्केट, नाइट बाजार, साप्ताहिक हाट और फूड स्ट्रीट जैसे नए विकल्पों को भी शामिल किया गया है। इससे न केवल वेंडर्स को ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि शहरवासियों को भी बेहतर और सुरक्षित खरीदारी का माहौल मिलेगा। खासतौर पर युवाओं और परिवारों के लिए ऐसे बाजार आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। सुझावों के आधार पर पहले कुछ चुनिंदा स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे पूरे शहर में विस्तार दिया जाएगा।
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- रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बनेगी नई व्यवस्था, वेंडिंग जोन तय करने से पहले जनता से मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में रोजी-रोटी चला रहे हजारों रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए अब एक व्यवस्थित और सुरक्षित कामकाज का माहौल तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। नगर निगम फरीदाबाद ने स्ट्रीट वेंडर्स के नियमन और पुनर्वास को लेकर व्यापक योजना पर काम शुरू करते हुए सामाजिक संगठनों, कंपनियों, फर्मों और आम लोगों से सीधे सुझाव मांगे हैं ताकि जमीनी जरूरतों के अनुसार व्यवस्था तैयार की जा सके। नगर निगम ने अपील की है कि वे अपने सुझाव या विस्तृत प्रस्ताव 5 मई 2026 तक ई-मेल या लिखित रूप में भेजें। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी से ऐसी व्यवस्था तैयार होगी, जो वेंडर्स और आम नागरिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि यह पहल स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग का विनियमन) अधिनियम-2014 और हरियाणा की संबंधित नियमावली के तहत की जा रही है। इसका मकसद जहां एक ओर वेंडर्स को सामाजिक सुरक्षा देना है वहीं दूसरी ओर शहर में अव्यवस्थित वेंडिंग से होने वाली दिक्कतों को भी दूर करना है। निगम की योजना सिर्फ जगह तय करने तक सीमित नहीं है। वेंडिंग जोन में स्वच्छता, कचरा निस्तारण, पानी, रोशनी और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही रेहड़ियों के डिजाइन को भी बेहतर बनाने की बात कही गई है, ताकि शहर की सुंदरता पर असर न पड़े।
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शहर के नक्शे पर तय होंगे वेंडिंग जोन
निगम प्रशासन शहर में वेंडिंग जोन, प्रतिबंधित वेंडिंग जोन और नो-वेंडिंग जोन की स्पष्ट पहचान और सीमांकन करना चाहता है। इसके लिए अलग-अलग इलाकों की मांग, भीड़भाड़, यातायात और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुझाव मांगे गए हैं। योजना है कि जहां जरूरत हो, वहां नए वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं और जहां समस्या अधिक है वहां वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जाएं।
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नाइट मार्केट और फूड स्ट्रीट से बढ़ेगा रोजगार
प्रस्तावों में वीकेंड मार्केट, नाइट बाजार, साप्ताहिक हाट और फूड स्ट्रीट जैसे नए विकल्पों को भी शामिल किया गया है। इससे न केवल वेंडर्स को ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि शहरवासियों को भी बेहतर और सुरक्षित खरीदारी का माहौल मिलेगा। खासतौर पर युवाओं और परिवारों के लिए ऐसे बाजार आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। सुझावों के आधार पर पहले कुछ चुनिंदा स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे पूरे शहर में विस्तार दिया जाएगा।