अभी और झेलना होगा जाम का झाम, एनएच-2 का फ्लाईओवर प्रोजेक्ट चार माह लेट
- एनएचएआई ने जून तक फ्लाईओवर शुरू करने का किया था दावा
- निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के चलते अधूरे पड़े हैं सभी प्रोजेक्ट
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विस्तार
दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे (एनएच-2) पर जाम का झाम हाल फिलहाल खत्म होने वाला नहीं है। हाईवे चौड़ीकरण योजना के तहत निर्माणाधीन फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की डेडलाइन मिस होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसे 31 मई निर्धारित किया था।
लेकिन अभी तक इन प्रोजेक्ट का 40 प्रतिशत काम अधूरा पड़ा है। एनएचएआई ने जून तक बदरपुर से बल्लभगढ़ के बीच सभी फ्लाईओवर शुरू करने का दावा किया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के चलते हाईवे पर जाम फ्री सफर के लिए अभी करीब चार महीने का और इंतजार करना पड़ेगा।
प्रोजेक्ट में देरी का खामियाजा हाईवे से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। जहां-जहां फ्लाईओवर बन रहे हैं, वहां तमतमाती गर्मी में लोगों को जाम में फंसकर पसीना बहाने के साथ बेवजह ईंधन भी फूंकना पड़ रहा है।
एक महीने में चार फ्लाईओवर शुरू करने का दावा
सिक्सलेन प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार के बावजूद एनएचएआई अधिकारी दावे करने में पीछे नहीं हैं। अगले 15 से 20 दिन में बाटा और बड़खल फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने की दलील अधिकारियों की तरफ से दी जा रही है।
प्रोजेक्ट के मौजूदा हालात देखकर ऐसा हो पाना संभव नजर नहीं आ रहा
इतना ही नहीं 30 जून तक अजरौंदा और ओल्ड फरीदाबाद का फ्लाईओवर भी जनता को समर्पित करने का दावा है। प्रोजेक्ट के मौजूदा हालात देखकर ऐसा हो पाना संभव नजर नहीं आ रहा है। अजरौंदा (नीलम) चौक फ्लाईओवर का काम तो अभी आधा अधूरा ही नजर आ रहा है, जबकि बाटा, बड़खल और ओल्ड फरीदाबाद फ्लाईओवर का काम अभी 30 से 40 फीसदी अधूरा पड़ा है।
मानसून में खड़ी होगी समस्या
एनएच-2 पर बनाए जा रहे सिक्सलेन फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन 31 मई तय की गई थी। जून से इस पर वाहनों को दौड़ाने की योजना थी, ताकि मानसून से पहले ही हाईवे पर जाम की समस्या से निजात पाया जा सके लेकिन अभी पांच में से किसी भी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 60 फीसदी से ज्यादा पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में बारिश के दौरान जर्जर हालात में पड़े हाईवे पर जाम की समस्या झेलने के लिए आपको तैयार रहना होगा।
नहीं बनने शुरू हुए अंडरपास
हाईवे चौड़ीकरण योजना के तहत मेवला महाराजपुर और वाईएमसीए चौक पर अंडरपास प्रस्तावित हैं, लेकिन इनका निर्माण कार्य तो अब तक शुरू ही नहीं हो सका है। इन्हें बनाने की समयसीमा भी जून 2016 निर्धारित की गई थी।
मैटेरियल नहीं तो कैसे हो काम
मैटेरियल नहीं तो कैसे हो काम
काम लंबा खिंचने की वजह मैटेरियल आने में देरी भी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सकता था लेकिन मैटेरियल उपलब्ध न होने से काम धीमा चल रहा है। एनएचएआई भले ही महीनेभर में चार फ्लाईओवर बनाकर देने का दावा कर रहा है लेकिन निर्माण कंपनी से जुड़े इंजीनियर साफ कह रहे हैं कि काम पूरा होने में अभी करीब चार महीने लग जाएंगे।
हमारी कोशिश है कि 30 जून तक चार फ्लाईओवर बनाकर तैयार कर दिए जाएं। इसके बाद प्रोजेक्ट के तहत हर महीने एक फ्लाईओवर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। काम में तेजी लाने के दिशा-निर्देश निर्माण कंपनियों को दिए जा चुके हैं। -मोहम्मद सफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर-एनएचएआई
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट शहर की तरक्की के लिए बेहद जरूरी है। सरकार को इस प्रोजेक्ट में गंभीरता दिखानी चाहिए। जो भी अड़चनें हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए। -एनके गर्ग, अध्यक्ष-कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए
नेशनल हाईवे का काम पूरा होने पर आम जनता को काफी सहूलियत मिल जाएगी। भारी माल वाहनों का दबाव इसी हाईवे पर रहता है, फ्लाईओवर बनने से जाम से बड़ी राहत मिलेगी।-सुभाष कौशिक, महासचिव-ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
सड़कें और ट्रैफिक किसी भी शहर का चेहरा होती हैं। वर्षों से जर्जर हाईवे के कारण शहर की सूरत पर दाग लगा हुआ है। इसका काम जल्द पूरा हो तो उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। -जीएस त्यागी, अध्यक्ष-फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
प्रोजेक्ट एक नजर में
कुल लंबाई (आना-जाना) 360 किलोमीटर
प्रोजेक्ट की कुल लागत 2945 करोड़
अभी तक काम पूरा 60 प्रतिशत (हाईवे प्रोजेक्ट)
काम को खत्म करने की अवधि जून 2017
कहां कहां बनने हैं फ्लाईओवर
बल्लभगढ़
बाटा चौक
अजरौंदा
ओल्ड फरीदाबाद
बड़खल चौक
एनएचपीसी