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Faridabad News: सूरजकुंड मेले में कैदियों के बनाए गए उत्पाद लोगों को आ रहे पसंद
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फर्नीचर से लेकर महिला के जूट बैग सहित 169 उत्पाद हैं उपलब्ध
प्रदेश की सभी जेलों में लगभग 7 हजार कैदी बना रहे हैं 169 तरह के उत्पाद
सोनू यादव
फरीदाबाद। प्रदेश की जेलों में बंद लगभग 7 हजार कैदियों के बनाए गए फर्नीचर, बेकरी उत्पाद, जूट से बने बैग आदि सामान सूरजकुंड मेले में लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। पानीपत के जेल उप अधीक्षक नवीन छिल्लर के निर्देशन में सूरजकुंड मेला में हरियाणा जेल विभाग की स्टॉल पर ये सभी उत्पाद उपलब्ध हैं। 3 दिन के दौरान लगभग पौने 4 लाख रुपये की सेल जेल विभाग के इस काउंटर से हो चुकी है। यहां मौजूद अधिकारियों को उम्मीद है कि वे मेले के अंत तक लाखों रुपये के उत्पाद यहां बेच देंगे। जिसका सीधा फायदा इन 7 हजार कैदियों को होगा।
जेल विभाग की ओर से सूरजकुंड मेला के नोडल ऑफिसर उप अधीक्षक नवीन छिल्लर ने बताया कि अब तक जेल में बंद कैदियों को काम करने व उत्पाद बनाने पर डीसी रेट के अनुसार भत्ता दिया जाता था। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि इन्हें उत्पाद बिक्री के बाद हुए मुनाफे में हिस्सा भी दिया जाएगा। कुल 169 उत्पादों में से 50 ऐसे उत्पाद हैं जिन पर कैदियों को मुनाफे का 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। जबकि बाकी उत्पादों पर 30 प्रतिशत मुनाफा उन्हें दिया जाएगा।
ये सामान अधिक आ रहा पसंद
सूरजकुंड मेले में मौजूद जेल विभाग की टीम ने बताया कि यहां फर्नीचर में फोल्डिंग मेज, फोल्डिंग कुर्सी, छोटे स्टूल, कुर्सी, टेबल आदि लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। फर्नीचर में काफी सामान शीशम की लकड़ी से बनाया जा रहा है। बाजार से काफी किफायती रेट पर ये सामान जेल विभाग के स्टॉल पर उपलब्ध है। इसके साथ ही लोहे के सरिये को मोड़कर बनाए गए गमला स्टैंड, एलोवेरा जूस, जैल, आंवला कैंडी आदि उत्पाद भी लोगों को भा रहे हैं। महिलाओं के लिए जूट बैग, पोटली, एपरन भी यहां उपलब्ध हैं और महिलाएं उन्हें खरीद रही हैं। महिलाओं का ये सामान लगभग 350 महिला कैदी बना रही हैं।
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सूरजकुंड के साथ ही गीता महोत्सव में भी लगती है स्टॉल
जेल विभाग की ओर से अपनी ये स्टॉल सूरजकुंड मेला के साथ ही कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले गीता महोत्सव में भी लगाई जाती है। इसके साथ ही अंबाला जेल में भी परमानेंट स्टॉल रहती है। गुरुग्राम और अंबाला जेल में अब बेकरी उत्पाद भी बनने लगे हैं। जो पहली बार इस साल सूरजकुंड मेला की स्टॉल पर उपलब्ध हैं। इनमें बिस्किट समेत अन्य कई प्रकार के उत्पाद शामिल हैं।
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प्रदेश की सभी जेलों में लगभग 7 हजार कैदी बना रहे हैं 169 तरह के उत्पाद
सोनू यादव
फरीदाबाद। प्रदेश की जेलों में बंद लगभग 7 हजार कैदियों के बनाए गए फर्नीचर, बेकरी उत्पाद, जूट से बने बैग आदि सामान सूरजकुंड मेले में लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। पानीपत के जेल उप अधीक्षक नवीन छिल्लर के निर्देशन में सूरजकुंड मेला में हरियाणा जेल विभाग की स्टॉल पर ये सभी उत्पाद उपलब्ध हैं। 3 दिन के दौरान लगभग पौने 4 लाख रुपये की सेल जेल विभाग के इस काउंटर से हो चुकी है। यहां मौजूद अधिकारियों को उम्मीद है कि वे मेले के अंत तक लाखों रुपये के उत्पाद यहां बेच देंगे। जिसका सीधा फायदा इन 7 हजार कैदियों को होगा।
जेल विभाग की ओर से सूरजकुंड मेला के नोडल ऑफिसर उप अधीक्षक नवीन छिल्लर ने बताया कि अब तक जेल में बंद कैदियों को काम करने व उत्पाद बनाने पर डीसी रेट के अनुसार भत्ता दिया जाता था। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि इन्हें उत्पाद बिक्री के बाद हुए मुनाफे में हिस्सा भी दिया जाएगा। कुल 169 उत्पादों में से 50 ऐसे उत्पाद हैं जिन पर कैदियों को मुनाफे का 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। जबकि बाकी उत्पादों पर 30 प्रतिशत मुनाफा उन्हें दिया जाएगा।
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ये सामान अधिक आ रहा पसंद
सूरजकुंड मेले में मौजूद जेल विभाग की टीम ने बताया कि यहां फर्नीचर में फोल्डिंग मेज, फोल्डिंग कुर्सी, छोटे स्टूल, कुर्सी, टेबल आदि लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। फर्नीचर में काफी सामान शीशम की लकड़ी से बनाया जा रहा है। बाजार से काफी किफायती रेट पर ये सामान जेल विभाग के स्टॉल पर उपलब्ध है। इसके साथ ही लोहे के सरिये को मोड़कर बनाए गए गमला स्टैंड, एलोवेरा जूस, जैल, आंवला कैंडी आदि उत्पाद भी लोगों को भा रहे हैं। महिलाओं के लिए जूट बैग, पोटली, एपरन भी यहां उपलब्ध हैं और महिलाएं उन्हें खरीद रही हैं। महिलाओं का ये सामान लगभग 350 महिला कैदी बना रही हैं।
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सूरजकुंड के साथ ही गीता महोत्सव में भी लगती है स्टॉल
जेल विभाग की ओर से अपनी ये स्टॉल सूरजकुंड मेला के साथ ही कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले गीता महोत्सव में भी लगाई जाती है। इसके साथ ही अंबाला जेल में भी परमानेंट स्टॉल रहती है। गुरुग्राम और अंबाला जेल में अब बेकरी उत्पाद भी बनने लगे हैं। जो पहली बार इस साल सूरजकुंड मेला की स्टॉल पर उपलब्ध हैं। इनमें बिस्किट समेत अन्य कई प्रकार के उत्पाद शामिल हैं।