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खोरी में लोगों को फिर मिली एक दिन की मोहलत

Wed, 21 Jul 2021 06:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 06:21 PM IST
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People again got one day's time in Khori
फरीदाबाद। नगर निगम ने बकरीद का त्योहार होने के कारण बुधवार को खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बुधवार को गांव से सिर्फ मलबा उठाने का काम किया गया। इसके साथ मलबा ठेकेदार और कबाड़ियों को गांव में प्रवेश दिया गया। जिससे लोग अपने सामान और ढहाए गए मकान का मलबा आसानी से बेच सके। मलबा हटाने के बाद खाली कराए गए क्षेत्र में नगर निगम द्वारा बोर्ड लगाकर किसी भी तरह का अवैध निर्माण न करने के लिए चेतावनी भी दी गई। वहीं पुनर्वास योजना के तहत पंजीकरण का कार्य भी तेज, बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। सातवें दिन 200 से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण करवाया।
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गांव खोरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को त्योहार की वजह से एक दिन के लिए कार्रवाई को टाल दिया गया। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही लोगों को घर खाली करने के लिए एक दिन और समय मिल गया। हालांकि सुबह निगम का तोड़फोड़ दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा। कार्रवाई दिल्ली से लगते क्षेत्र में की जानी थी। तोड़फोड़ दस्ता पहुंचने पर गलियों में लोगों की भीड़ इकट्ठी होनी शुरू हो गई। जिसे पुलिस ने खदेड़ दिया। इसके बाद तोड़फोड़ दस्ते ने मंगलवार की गई तोड़फोड़ वाले स्थानों से मलबा उठाया और चेतावनी के बोर्ड लगाए।
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नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि खोरी के लोगों से अपील की गई है कि अपना सामान व मलबा ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है।
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लोग बोले, मिट्टी में मिल गई जिंदगी भर की कमाई
नगर निगम ने खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई तेज की हुई है। बीच-बीच में मौसम और मलबे को लेकर तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी गई। दो दिन पहले बारिश और फिर सीएम के शहर में होने से कार्रवाई रोकी गई थी। अब निगम गांव के घनी आबादी के क्षेत्र में मकानों को तोड़ रहा है। ऐसे में कई लोग अपने घरों से सामान निकालते दिखे। लोगों ने बताया कि खोरी गांव में जिंदगी भर की कमाई मिट्टी में मिल गई। उसकी परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना हैं कि उनके पर चारों ओर से मार पड़ रही है। कोरोना में रोजगार नहीं है और अब घर भी टूट गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं दोपहर में मौसम साफ होने से बच्चे टूटे मकान से पतंग उड़ाने में लगे रहे।
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