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Faridabad News: मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने सेक्टर-9 स्थित पार्टी कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बलजीत कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत जी-राम जी विधेयक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल ऐतिहासिक भूल है, बल्कि गरीबों और मजदूरों के रोजगार के कानूनी अधिकार को भी कमजोर करने की साजिश है। कांग्रेस पार्टी इस अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
बलजीत कौशिक ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा जैसी योजना के माध्यम से ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक रोजगार मिला। वहीं आज भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर गरीबों से रोजगार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राज्यों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता था, लेकिन नए विधेयक के बाद यह घटकर 60 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक गरीबों और मजदूरों के हक के लिए संघर्ष करेगी।
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फरीदाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने सेक्टर-9 स्थित पार्टी कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बलजीत कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत जी-राम जी विधेयक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल ऐतिहासिक भूल है, बल्कि गरीबों और मजदूरों के रोजगार के कानूनी अधिकार को भी कमजोर करने की साजिश है। कांग्रेस पार्टी इस अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
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बलजीत कौशिक ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा जैसी योजना के माध्यम से ग्रामीण गरीबों को सम्मानजनक रोजगार मिला। वहीं आज भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर गरीबों से रोजगार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राज्यों को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता था, लेकिन नए विधेयक के बाद यह घटकर 60 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक गरीबों और मजदूरों के हक के लिए संघर्ष करेगी।