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Faridabad News: सेक्टर-8 में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनने से पलवल और नूंह के मरीजों को भी होगा फायदा

Mon, 06 Apr 2026 12:29 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:29 AM IST
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Patients of foot and breast will also benefit from construction of multi specialty hospital in Sector-8
पीपीपी मोड पर साढ़े तीन एकड़ में प्रस्तावित है प्रोजेक्ट, बीके अस्पताल पर लोड होगा कम
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर-8 में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की प्रस्तावित लोकेशन ने इस प्रोजेक्ट को महज एक घोषणा से आगे बढ़ाकर रणनीतिक पहल बना दिया है। सर्वोदय अस्पताल के पास करीब साढ़े तीन एकड़ के खाली मैदान पर इसे बनाने की योजना है। एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी के कारण यह साइट बल्लभगढ़, पलवल, होडल, हथीन और नूंह के लिए सबसे नजदीकी उन्नत चिकित्सा केंद्र बन सकती है।

जमीनी स्तर पर मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं की बात की जाए तो फरीदाबाद का बीके अस्पताल पूरे जिले का मुख्य सहारा है जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उमड़ते हैं। पलवल और आसपास के क्षेत्रों से भी गंभीर मामलों में मरीज यहीं भेजे जाते हैं। ऐसे में सेक्टर-8 की यह लोकेशन बीके पर दबाव कम करने के साथ-साथ गोल्डन ऑवर में इलाज की उपलब्धता बढ़ाने का बड़ा माध्यम बन सकती है।
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लोकेशन बनेगी गेम चेंजर

सेक्टर-8 की साइट एक्सप्रेसवे, शहर के अंदरूनी मार्गों और बल्लभगढ़-पलवल कॉरिडोर के बीच स्थित है। इससे एंबुलेंस बिना शहर के जाम में फंसे सीधे अस्पताल तक पहुंच सकती है। स्थानीय एंबुलेंस ऑपरेटरों के मुताबिक अभी पलवल या हथीन से बीके अस्पताल पहुंचने में पीक टाइम पर 60 से 90 मिनट लग जाते हैं। कई बार ट्रैफिक के कारण समय और बढ़ जाता है। एक्सप्रेसवे के पास अस्पताल बनने से यही दूरी 25 से 40 मिनट में तय हो सकेगी।
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बीके अस्पताल पर बढ़ता दबाव

फरीदाबाद के जिला अस्पताल (बीके) की ओपीडी में रोजाना औसतन 2500 से 3000 मरीज पहुंच रहे हैं जबकि इमरजेंसी में 300 से 400 केस प्रतिदिन आते हैं। इनमें बड़ी संख्या पलवल और ग्रामीण क्षेत्रों से रेफर होकर आने वाले मरीजों की होती है। जानकारों के अनुसार गंभीर केस खासतौर पर ट्रॉमा, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और जटिल प्रसव में सुविधाओं की कमी के कारण कई मरीजों को आगे रेफर करना पड़ता है।



पलवल से बढ़ता रेफरल लोड

पलवल जिला अस्पताल से हर दिन औसतन 50 से 70 मरीजों को फरीदाबाद के बीके अस्पताल भेजा जाता है। इनमें सड़क हादसे, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, नवजात और गंभीर संक्रमण के मामले शामिल होते हैं। इनमें से भी करीब 20 से 30 फीसदी मरीजों को आगे दिल्ली रेफर करना पड़ता है क्योंकि जिले में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।



कम लागत में इलाज की उम्मीद

पीपीपी मॉडल पर बनने वाला यह अस्पताल सरकारी निगरानी और निजी विशेषज्ञता का संयुक्त मॉडल होगा। इससे उम्मीद है कि यहां इलाज की लागत निजी अस्पतालों की तुलना में कम रहेगी। फरीदाबाद में पहले से हार्ट सेंटर पीपीपी मॉडल पर चलाया जा रहा है। इसमें गरीबों को कम दाम में अच्छी सुविधा मिल रही है।




जिला अस्पताल व मदर चाइल्ड केयर यूनिट का काम पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से किया जा रहा है। वहीं मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा। - डॉ जयंत आहूजा, सीएमओ फरीदाबाद
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