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Faridabad News: आठ साल इंतजार के बाद पेंशन का रास्ता साफ
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उपभोक्ता आयोग से मिली राहत, ईपीएफओ और कंपनी को आदेश
11 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च के देने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेवानिवृत्ति के बाद आठ साल तक पेंशन के लिए भटक रहे अनंगपुर निवासी जगबीर सिंह को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से राहत मिली है। आयोग ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और संबंधित कंपनी को पेंशन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने और शिकायतकर्ता को कुल 11 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया है।
जगबीर सिंह ने एक दिसंबर 1989 को अर्बन इम्प्रूवमेंट प्राइवेट लिमिटेड में काम शुरू किया था। वह 31 मार्च 2018 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद 12 सितंबर 2018 को उन्हें भविष्य निधि के 1,39,550 रुपये मिले, लेकिन पेंशन शुरू नहीं हुई। जानकारी लेने के लिए उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन किया। इसके जवाब में ईपीएफओ ने पेंशन के लिए फॉर्म-10डी जमा करने और जन्मतिथि में सुधार के लिए संयुक्त घोषणा पत्र देने को कहा गया।
जगबीर सिंह के अनुसार, आवश्यक दस्तावेज पूरे कराने की प्रक्रिया में कंपनी और ईपीएफओ के बीच मामला अटका रहा। इसके चलते उन्हें लंबे समय तक पेंशन का लाभ नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की थी। आयोग के अध्यक्ष अमित अरोड़ा और सदस्य इंदिरा भड़ाना ने मामले की सुनवाई के बाद कंपनी को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और ईपीएफओ को पेंशन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। आयोग ने छह अप्रैल 2018 से बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने को कहा है। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 5,500 रुपये मुआवजा और शिकायत के दौरान हुए खर्च के लिए 5,500 रुपये देने का आदेश दिया।
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11 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च के देने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेवानिवृत्ति के बाद आठ साल तक पेंशन के लिए भटक रहे अनंगपुर निवासी जगबीर सिंह को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से राहत मिली है। आयोग ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और संबंधित कंपनी को पेंशन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने और शिकायतकर्ता को कुल 11 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया है।
जगबीर सिंह ने एक दिसंबर 1989 को अर्बन इम्प्रूवमेंट प्राइवेट लिमिटेड में काम शुरू किया था। वह 31 मार्च 2018 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद 12 सितंबर 2018 को उन्हें भविष्य निधि के 1,39,550 रुपये मिले, लेकिन पेंशन शुरू नहीं हुई। जानकारी लेने के लिए उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन किया। इसके जवाब में ईपीएफओ ने पेंशन के लिए फॉर्म-10डी जमा करने और जन्मतिथि में सुधार के लिए संयुक्त घोषणा पत्र देने को कहा गया।
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जगबीर सिंह के अनुसार, आवश्यक दस्तावेज पूरे कराने की प्रक्रिया में कंपनी और ईपीएफओ के बीच मामला अटका रहा। इसके चलते उन्हें लंबे समय तक पेंशन का लाभ नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की थी। आयोग के अध्यक्ष अमित अरोड़ा और सदस्य इंदिरा भड़ाना ने मामले की सुनवाई के बाद कंपनी को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और ईपीएफओ को पेंशन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। आयोग ने छह अप्रैल 2018 से बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत सालाना ब्याज देने को कहा है। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 5,500 रुपये मुआवजा और शिकायत के दौरान हुए खर्च के लिए 5,500 रुपये देने का आदेश दिया।
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