{"_id":"683c9e9af0326a2cbb0bd1d4","slug":"passengers-try-to-board-the-train-by-crossing-the-tracks-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-44370-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: पटरियां पार कर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: पटरियां पार कर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं यात्री
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर नियमों का खुलेआम होता है उल्लंघन
काजल कुमारी
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्री नियमों की खुलकर अनदेखी कर रहे हैं। रविवार को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पुरी से ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन संख्या 08477 पुरी योगनगरी ऋषिकेश स्पेशल जैसे ही पहुंची, यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में कई लोग दौड़ते हुए प्लेटफॉर्म की ओर भागे, जबकि कुछ यात्रियों ने तो सीधे पटरियां पार कर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की।
ये दृश्य न सिर्फ यात्रियों की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि रेलवे प्रशासन की ओर से की जा रही सुरक्षा अपीलों की अनदेखी भी दर्शाता है। रेलवे ने स्टेशन परिसर में स्पष्ट निर्देश लगाए गए हैं कि यात्री पटरियां पार न करें और प्लेटफॉर्म या फुटओवर ब्रिज का उपयोग करें, लेकिन फिर भी लोग अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे।
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन शहर का बड़ा स्टेशन है। यहां लंबी व कम दूरी की करीब 90 ट्रेन का ठहराव है। साथ ही रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस रेलवे स्टेशन से दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, कोसीकलां के अलावा मुंबई, राजस्थान, कोटा, इंदौर, दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों के लिए ट्रेन पकड़ते हैं।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ यात्री ट्रेन के रुकने से पहले ही दौड़कर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते हैं। ऐसे में एक मामूली फिसलन भी जानलेवा साबित हो सकती थी। रेलवे अधिनियम के अनुसार, ट्रैक पार करना और अनधिकृत स्थान से ट्रेन में चढ़ना दंडनीय अपराध है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी बढ़ाई जाए और बार-बार मुनादी या घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे खतरे से बचा जा सके।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा के लिए फुटओवर ब्रिज या अंडरपास का ही उपयोग करें। साथ ही, स्टेशन प्रशासन से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ऐसे मामलों में सख्ती बरते और निगरानी बढ़ाए।
वर्जन-- -
स्टेशन पर सुरक्षा कर्मी कम दिखते हैं। अगर हर प्लेटफॉर्म पर गार्ड मौजूद हों तो लोग पटरियों से जाने की हिम्मत नहीं करेंगे। रेलवे को सख्ती से निगरानी करनी चाहिए। – विनोद, यात्री
कई बार भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि कोई नियम देखने वाला नहीं होता। अगर सुरक्षा कर्मचारी हर समय मौजूद रहें, तो लोग नियम तोड़ने से डरेंगे। इससे हादसे भी कम होंगे। – सुनिता, महिला यात्री
विज्ञापन
काजल कुमारी
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्री नियमों की खुलकर अनदेखी कर रहे हैं। रविवार को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पुरी से ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन संख्या 08477 पुरी योगनगरी ऋषिकेश स्पेशल जैसे ही पहुंची, यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में कई लोग दौड़ते हुए प्लेटफॉर्म की ओर भागे, जबकि कुछ यात्रियों ने तो सीधे पटरियां पार कर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की।
ये दृश्य न सिर्फ यात्रियों की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि रेलवे प्रशासन की ओर से की जा रही सुरक्षा अपीलों की अनदेखी भी दर्शाता है। रेलवे ने स्टेशन परिसर में स्पष्ट निर्देश लगाए गए हैं कि यात्री पटरियां पार न करें और प्लेटफॉर्म या फुटओवर ब्रिज का उपयोग करें, लेकिन फिर भी लोग अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे।
विज्ञापन
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन शहर का बड़ा स्टेशन है। यहां लंबी व कम दूरी की करीब 90 ट्रेन का ठहराव है। साथ ही रोजाना करीब 30 हजार यात्री इस रेलवे स्टेशन से दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, कोसीकलां के अलावा मुंबई, राजस्थान, कोटा, इंदौर, दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों के लिए ट्रेन पकड़ते हैं।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ यात्री ट्रेन के रुकने से पहले ही दौड़कर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते हैं। ऐसे में एक मामूली फिसलन भी जानलेवा साबित हो सकती थी। रेलवे अधिनियम के अनुसार, ट्रैक पार करना और अनधिकृत स्थान से ट्रेन में चढ़ना दंडनीय अपराध है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर सुरक्षा कर्मचारियों की मौजूदगी बढ़ाई जाए और बार-बार मुनादी या घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे खतरे से बचा जा सके।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा के लिए फुटओवर ब्रिज या अंडरपास का ही उपयोग करें। साथ ही, स्टेशन प्रशासन से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ऐसे मामलों में सख्ती बरते और निगरानी बढ़ाए।
वर्जन
स्टेशन पर सुरक्षा कर्मी कम दिखते हैं। अगर हर प्लेटफॉर्म पर गार्ड मौजूद हों तो लोग पटरियों से जाने की हिम्मत नहीं करेंगे। रेलवे को सख्ती से निगरानी करनी चाहिए। – विनोद, यात्री
कई बार भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि कोई नियम देखने वाला नहीं होता। अगर सुरक्षा कर्मचारी हर समय मौजूद रहें, तो लोग नियम तोड़ने से डरेंगे। इससे हादसे भी कम होंगे। – सुनिता, महिला यात्री