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कांग्रेस के 'काला दिवस' कार्यक्रम में हाथापाई: दो नेताओं पर गिरी गाज, अनुशासन समिति ने मांगा जवाब; थमाया नोटिस
Fri, 16 Oct 2026 10:23 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
पीटीआई, फरीदाबाद
पीटीआई, फरीदाबाद
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:23 PM IST
सार
फरीदाबाद में सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में आपस में भिड़े कांग्रेस के दो नेताओं को पार्टी ने नोटिस जारी किया है। पराग शर्मा और गजना लांबा से सात दिन में जवाब मांगा गया है।
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सात दिन का अल्टीमेटम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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फरीदाबाद में कांग्रेस ने सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान आपस में मारपीट करने वाले अपने दो नेताओं को नोटिस जारी किया है। पार्टी ने दोनों नेताओं से सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। दोनों नेताओं पर कथित तौर पर एक-दूसरे को थप्पड़ मारने का आरोप है।
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पार्टी ने दोनों नेताओं के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा आचरण पार्टी के अनुशासन, संगठनात्मक मर्यादा और सार्वजनिक छवि के खिलाफ है। यह घटना आठ अक्तूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई थी। इस घटना का कथित वीडियो ऑनलाइन सामने आया है।
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वीडियो में बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके पराग शर्मा और पार्टी की पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष गजना लांबा के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। दोनों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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इस मामले में कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष और पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक ने 15 अक्तूबर को नोटिस जारी किया। नोटिस के अनुसार, आठ अक्तूबर को जिला कांग्रेस कमेटी, फरीदाबाद की ओर से आयोजित 'काला दिवस' कार्यक्रम के दौरान पराग शर्मा और गजना लांबा ने एक-दूसरे के प्रति अनुचित व्यवहार किया। इससे विवाद और हाथापाई की स्थिति पैदा हुई तथा दोनों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
नोटिस में कहा गया है कि ऐसा व्यवहार पार्टी के अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ है। इससे पार्टी की आंतरिक एकता, संगठन की गरिमा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचता है।
दोनों नेताओं से नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि कथित अनुशासनहीनता और उक्त व्यवहार के लिए पार्टी के संविधान एवं नियमों के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।