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उद्योगों के लिए पंचायतों के पास 12,718 एकड़ जमीन, पट्टे पर देने के लिए पंचायत विभाग ने तैयार किया बैंक
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Panchayats have prepared 12,718 acres of land for industries, Panchayat Department has prepared a bank for leasing
फरीदाबाद (मनोज धर द्विवेदी)। प्रदेश सरकार की नई लैंड लीज (जमीन पट्टा) पॉलिसी के तहत जिले के कुछ गांवों में उद्योग लगाए जा सकते हैं। जिले की 100 पंचायतों के पास करीब 12,718 एकड़ जमीन उपलब्ध है। जबकि, पलवल के पास 18,751, गुरुग्राम के पास 18,288 और नूंह के पास 45334 एकड़ जमीन पंचायतों के पास है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लैंड लीज पॉलिसी की घोषणा की थी। इसके बाद फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और तिगांव ब्लॉक स्तर पर जमीनों का ब्योरा लिया गया। इसमें अटाली गांव में 138 एकड़ के करीब जमीन है। छायंसा में करीब 337 एकड़, दयालपुर में 162, डींग में 117, फतेहपुर में 104, जवां में 232 एकड़, मोहना में 130 एकड़, शाहपुरा में 135, अरुआ में 172, नवादा तिगांव में 167, नीमका में 253, मांगर में 389 और नाचौली में 193 एकड़ के करीब जमीन है।
अन्य पंचायतों के पास भी जमीन हैं। पहले जिले में 115 पंचायतें थी लेकिन हाल में 24 गांव नगर निगम में शामिल हो गए। इससे जिले में अब 100 पंचायतें बची है। इसमें करीब 12,718 एकड़, चार कनाल और चार मारला जमीन है। हालांकि फरीदाबाद में आईएमटी बनाने के लिए पहले की कई गांवों की जमीन सरकार ले चुकी है। उद्योगों से जुड़े लोगों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गांवों में भी छोटी-छोटी कंपनियों को जगह देकर कारोबार का बढ़ाया जा सकता है। इससे पंचायतों को लाभ होगा और गांव में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिलेवार जमीन का ब्योरा
प्रदेश के कई जिलों की पंचायतों के पास काफी जमीन है। इसमें अंबाला में करीब 27,829, भिवानी- 48,736, फतेहाबाद-27,394, हिसार-55,178, झज्जर-37,986, जींद -38,934, कैथल- 42,879, कुरुक्षेत्र 35,799, करनाल 42,281, नारनौल (महेंद्रगढ़) 70,603, पंचकूला 13,801, पानीपत 37,013, रेवाड़ी 39,978, रोहतक 17,995, सोनीपत 57,310, सिरसा 48,820 व यमुना नगर में करीब 29,480 एकड़ जमीन पंचायतों के पास उपलब्ध।
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अन्य पंचायतों के पास भी जमीन हैं। पहले जिले में 115 पंचायतें थी लेकिन हाल में 24 गांव नगर निगम में शामिल हो गए। इससे जिले में अब 100 पंचायतें बची है। इसमें करीब 12,718 एकड़, चार कनाल और चार मारला जमीन है। हालांकि फरीदाबाद में आईएमटी बनाने के लिए पहले की कई गांवों की जमीन सरकार ले चुकी है। उद्योगों से जुड़े लोगों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गांवों में भी छोटी-छोटी कंपनियों को जगह देकर कारोबार का बढ़ाया जा सकता है। इससे पंचायतों को लाभ होगा और गांव में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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जिलेवार जमीन का ब्योरा
प्रदेश के कई जिलों की पंचायतों के पास काफी जमीन है। इसमें अंबाला में करीब 27,829, भिवानी- 48,736, फतेहाबाद-27,394, हिसार-55,178, झज्जर-37,986, जींद -38,934, कैथल- 42,879, कुरुक्षेत्र 35,799, करनाल 42,281, नारनौल (महेंद्रगढ़) 70,603, पंचकूला 13,801, पानीपत 37,013, रेवाड़ी 39,978, रोहतक 17,995, सोनीपत 57,310, सिरसा 48,820 व यमुना नगर में करीब 29,480 एकड़ जमीन पंचायतों के पास उपलब्ध।
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