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शाहजहांपुर गांव के स्कूल में ही बनाया जाए समाधि स्थल, पंचायत
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बल्लभगढ़। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकी हमले में शहीद हुए शाहजहांपुर निवासी शहीद सैनिक मनोज भाटी का समाधि स्थल कहां बने इसको लेकर मामला गर्माया हुआ है। इसको लेकर फज्जूपुर गांव के लोगों ने रविवार को गांव में पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में फैंसला हुआ कि वह गांव की जमीन में समाधि निर्माण नही होने देंगे। हालांकि शहीद की अंत्येष्टी फज्जूपुर गांव के सचिवालय परिसर में हुई थी।
इससे पहले शुक्रवार को शहीद के पिता बाबूलाल भाटी व ग्रामीणों ने अंत्येष्टी स्थल पर समाधि निर्माण कार्य शुरू कराया था। जिसे फज्जूपुर गांव के लोगों ने रूकवा कर पुलिस को दे दी थी। पुलिस ने इस मामले को आपस में सुलझाने के लिए कहा। रविवार को फज्जूपुर गांव में पंचायत का आयोजन हुआ। अध्यक्षता गांव के निवर्तमान सरपंच बृगभान भाटी ने की। पंचायत में कहा गया गांव में सामूहिक आयोजन के लिए बनाए गए सचिवालय में समाधि स्थल बनाने से सचिवालय और बारात घर की पार्किंग खत्म हो जाएगी। इससे लोगों को सामूहिक आयोजन करने में समस्या का सामना करना पडेगा। शहीद मनोज भाटी का समाधि स्थल फज्जूपुर गांव की जमीन की बजाय शाहजहांपुर गांव के सरकारी स्कूल में बनाना चाहिए। गांव के सरकारी स्कूल का नाम सरकार ने शहीद मनोज भाटी के नाम पर कर दिया गया है। फज्जूपुर गांव के निवर्तमान सरपंच बृगभान भाटी का कहना है कि शाहजहांपुर गांव के पास देह शामलात जमीन नहीं है। इस गांव का सरकारी स्कूल भी फज्जूपुर गांव की जमीन में बना हुआ है। जहां पर शहीद मनोज की अंत्येष्टी की गई वह जमीन भी फज्जूपुर गांव की है। पंचायत में जसमत सिंह, विजय, भारतपाल, बलजीत सिंह, विक्रम सिंह, मोहन सिंह, कमल सिंह, मनीष व अन्य ग्रामीण शामिल हुए। इधर शहीद मनोज भाटी के पिता बाबूलाल का कहना है देश पर जान देने वाले शहीद की समाधि स्थल बनाने के लिए जमीन नहीं मिल रही। जिला प्रशासन को इसपर संज्ञान लेना चाहिए। शाहजहांपुर निवासी राइफलमैन मनोज कुमार भाटी 11 अगस्त को आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
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इससे पहले शुक्रवार को शहीद के पिता बाबूलाल भाटी व ग्रामीणों ने अंत्येष्टी स्थल पर समाधि निर्माण कार्य शुरू कराया था। जिसे फज्जूपुर गांव के लोगों ने रूकवा कर पुलिस को दे दी थी। पुलिस ने इस मामले को आपस में सुलझाने के लिए कहा। रविवार को फज्जूपुर गांव में पंचायत का आयोजन हुआ। अध्यक्षता गांव के निवर्तमान सरपंच बृगभान भाटी ने की। पंचायत में कहा गया गांव में सामूहिक आयोजन के लिए बनाए गए सचिवालय में समाधि स्थल बनाने से सचिवालय और बारात घर की पार्किंग खत्म हो जाएगी। इससे लोगों को सामूहिक आयोजन करने में समस्या का सामना करना पडेगा। शहीद मनोज भाटी का समाधि स्थल फज्जूपुर गांव की जमीन की बजाय शाहजहांपुर गांव के सरकारी स्कूल में बनाना चाहिए। गांव के सरकारी स्कूल का नाम सरकार ने शहीद मनोज भाटी के नाम पर कर दिया गया है। फज्जूपुर गांव के निवर्तमान सरपंच बृगभान भाटी का कहना है कि शाहजहांपुर गांव के पास देह शामलात जमीन नहीं है। इस गांव का सरकारी स्कूल भी फज्जूपुर गांव की जमीन में बना हुआ है। जहां पर शहीद मनोज की अंत्येष्टी की गई वह जमीन भी फज्जूपुर गांव की है। पंचायत में जसमत सिंह, विजय, भारतपाल, बलजीत सिंह, विक्रम सिंह, मोहन सिंह, कमल सिंह, मनीष व अन्य ग्रामीण शामिल हुए। इधर शहीद मनोज भाटी के पिता बाबूलाल का कहना है देश पर जान देने वाले शहीद की समाधि स्थल बनाने के लिए जमीन नहीं मिल रही। जिला प्रशासन को इसपर संज्ञान लेना चाहिए। शाहजहांपुर निवासी राइफलमैन मनोज कुमार भाटी 11 अगस्त को आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
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