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हेलमेट के 16 हजार से अधिक ऑर्डर रद्द
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फरीदाबाद। कोरोना के बाद रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर फरीदाबाद के उद्योगों पर पड़ने लगा है। इन दोनों देशों ने फरीदाबाद से मंगाए जाने वाले 16 हजार से अधिक हेलमेट के ऑर्डर को रद्द कर दिया है। इससे उद्यमियों को 15-20 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का डर सता रहा है। उद्यमियों का कहना है कि हेलमेट के साथ ऑटो मोबाइल्स के जुड़ी इकाइयों के लिए उक्त दोनों देश बड़ा बाजार हैं। यहां से काफी संख्या में गाड़ियों के पार्ट्स तैयार कर वहां भेजे जाते हैं लेकिन दोनों देशों में छिड़ी जंग से औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के कारोबार पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। बीते एक हफ्ते में ही लगभग 100 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
औद्योगिक नगरी में 24 हजार के आसपास छोटी-बड़ी इकाइयां हैं। इनमें से ज्यादातर वाहनों के पार्ट्स तैयार करती है। रबर से लेकर नट-बोल्ट, कार के दरवाजे, सीट, बोनट, आदि बनाए जाते हैं। काफी संख्या में पार्ट्स रूस और यूक्रेन भेजे जाते हैं लेकिन इनके विवाद के चलते उक्त कारोबार पर असर पड़ा है। इससे उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। उद्यमियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच के विवादों का असर पूरे साल तक रहेगा।
उद्यमियों की इसलिए भी बढ़ी चिंता
उद्यमियों का कहना है कि जिले के उद्योग अभी कोरोना महामारी की मार से उबरे भी नहीं थे कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने आर्थिक मंदी का दौर ला दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर पड़ेगा। पेपर बैग बनाने से लेकर हर प्रकार के उद्योग पर असर पड़ेगा। उद्यमियों का कहना है कि जिस तरह से यूरोपियन देश व अमेरिका रूस पर प्रतिबंध लगे रहे हैं, इससे शहर के उद्योग पर भी दूर कालिक प्रभाव पड़ेगा।
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रूस-यूक्रेन विवाद का असर शहर के उद्योगों पर पड़ने लगा है। इन दोनों देशों ने 16 हजार से अधिक हेलमेट के ऑर्डर को रद्द कर दिया है। इससे काफी नुकसान होगा। उम्मीद है इनके बीच का विवाद जल्द खत्म हो।
- सिद्धार्थ खुराना, प्रबंध निदेशक, स्टड हेलमेट प्राइवेट लिमिटेड
शहर से काफी मात्रा में उत्पादों को रूस और यूक्रेन में भेजा जा रहा है। दोनों देश फरीदाबाद के लिए बड़ा बाजार हैं। विवाद से उद्योग पर प्रभाव पड़ने लगा है। आगामी दिनों में कच्चे माल की कीमतों में उछाल आएगा।
- लव मल्होत्रा, उद्यमी
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औद्योगिक नगरी में 24 हजार के आसपास छोटी-बड़ी इकाइयां हैं। इनमें से ज्यादातर वाहनों के पार्ट्स तैयार करती है। रबर से लेकर नट-बोल्ट, कार के दरवाजे, सीट, बोनट, आदि बनाए जाते हैं। काफी संख्या में पार्ट्स रूस और यूक्रेन भेजे जाते हैं लेकिन इनके विवाद के चलते उक्त कारोबार पर असर पड़ा है। इससे उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है। उद्यमियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच के विवादों का असर पूरे साल तक रहेगा।
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उद्यमियों की इसलिए भी बढ़ी चिंता
उद्यमियों का कहना है कि जिले के उद्योग अभी कोरोना महामारी की मार से उबरे भी नहीं थे कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने आर्थिक मंदी का दौर ला दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर पड़ेगा। पेपर बैग बनाने से लेकर हर प्रकार के उद्योग पर असर पड़ेगा। उद्यमियों का कहना है कि जिस तरह से यूरोपियन देश व अमेरिका रूस पर प्रतिबंध लगे रहे हैं, इससे शहर के उद्योग पर भी दूर कालिक प्रभाव पड़ेगा।
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रूस-यूक्रेन विवाद का असर शहर के उद्योगों पर पड़ने लगा है। इन दोनों देशों ने 16 हजार से अधिक हेलमेट के ऑर्डर को रद्द कर दिया है। इससे काफी नुकसान होगा। उम्मीद है इनके बीच का विवाद जल्द खत्म हो।
- सिद्धार्थ खुराना, प्रबंध निदेशक, स्टड हेलमेट प्राइवेट लिमिटेड
शहर से काफी मात्रा में उत्पादों को रूस और यूक्रेन में भेजा जा रहा है। दोनों देश फरीदाबाद के लिए बड़ा बाजार हैं। विवाद से उद्योग पर प्रभाव पड़ने लगा है। आगामी दिनों में कच्चे माल की कीमतों में उछाल आएगा।
- लव मल्होत्रा, उद्यमी