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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Order to pay compensation of Rs 14.04 lakh to the daughters in the case of death of a woman in a road accident.

Faridabad News: सड़क हादसे में महिला की मौत मामले में बेटियों को 14.04 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

Fri, 20 Feb 2026 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:21 PM IST
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Order to pay compensation of Rs 14.04 lakh to the daughters in the case of death of a woman in a road accident.
गृहिणी का श्रम शून्य नहीं, घर संभालने वाली महिला का योगदान 24 घंटे
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सचिन कुमार
फरीदाबाद। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने 51 वर्षीय ज्ञानवती की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि गृहिणी का श्रम शून्य नहीं माना जा सकता। फैसले में ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि घर संभालने वाली महिला का योगदान 24 घंटे का होता है और केवल इस आधार पर कि उसकी कोई वेतन पर्ची नहीं है, उसके श्रम का मूल्य शून्य नहीं आंका जा सकता।
ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को 14.04 लाख रुपये का मुआवजा मृतक महिला की बेटियों को देने का आदेश दिया है। मुआवजे की गणना करते समय बीमा कंपनी ने यह तर्क दिया कि मृतका की आय का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। ट्रिब्यूनल ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि गृहिणी घर का प्रबंधन, परिवार की देखभाल और दैनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है, जिसका आर्थिक मूल्य होता है। उपलब्ध परिस्थितियों और न्यूनतम मजदूरी दरों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने मृतका की काल्पनिक मासिक आय दस हजार रुपये निर्धारित की। वार्षिक आय एक लाख बीस हजार रुपये मानी गई और 51 वर्ष की आयु के अनुसार 11 का गुणक लगाकर निर्भरता हानि 13 लाख बीस रुपये तय की गई। इसके अतिरिक्त अंतिम संस्कार व्यय, सहचर्य हानि और संपत्ति हानि के मद में 84 हजार रुपये जोड़े गए। इस प्रकार कुल मुआवजा 14 लाख चार हजार रुपये निर्धारित किया गया, जिस पर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
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मामले के अनुसार 19 दिसंबर 2021 की सुबह पृथला फ्लाईओवर के पास एक पिकअप वाहन चालक अरुण कुमार सिंह ने ज्ञानवती को टक्कर मार दी थी। वाहन गलत दिशा से चलाया जा रहा था। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शी की गवाही, प्राथमिकी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ट्रिब्यूनल ने चालक की लापरवाही को सिद्ध माना। ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि यह पूरी राशि बीमा कंपनी अदा करेगी, क्योंकि वाहन दुर्घटना की तारीख पर बीमित था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। कुल मुआवजे में से दो विवाहित बेटियों को 25–25 प्रतिशत और अविवाहित 70 प्रतिशत दिव्यांग बेटी को 50 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।
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