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Faridabad News: यमुना से प्रभावित किसानों की समस्या का समाधान होने तक बांध निर्माण का विरोध जारी रहेगा
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पंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय, सरकार से वार्ता और लिखित समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ग्राम मोहना स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के प्रांगण में रविवार को यमुना से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में मोहना, मोहियापुर, छांयसा सहित आसपास के गांवों के किसानों ने यमुना और प्रस्तावित बांध के बीच आने वाली भूमि, बांध निर्माण कार्य तथा 31 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक दोबारा खोले जा रहे आई एमटी भूमि रजिस्ट्रेशन पोर्टल को लेकर विस्तार से चर्चा की।
पंचायत में सर्वसम्मति से दादा रणजीत सिंह को अध्यक्ष चुना गया। किसानों ने निर्णय लिया कि जब तक यमुना प्रभावित भूमि और बांध के बीच आने वाली जमीन से जुड़े मामलों का स्पष्ट, लिखित और स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक बांध निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा। साथ ही किसी भी किसान द्वारा आईएमटी के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करने का भी फैसला लिया गया।
किसानों ने गांव-गांव चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक करने और ऑटो पर लाउडस्पीकर के माध्यम से अभियान चलाने का निर्णय भी लिया। पंचायत में सरकार द्वारा पूर्व में आईएमटी में स्थानीय किसानों और युवाओं को रोजगार देने के दावों पर भी सवाल उठाए। किसानों का कहना था कि रोजगार के अधिकांश वादे धरातल पर पूरे नहीं हुए हैं।
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पंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि उनकी पैतृक जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है और वे इसे अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य स्थानों पर विकसित आईएमटी क्षेत्रों में भूमि की कीमत लाखों रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुकी है, जबकि यहां बिना स्पष्ट दर तय किए भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया जा रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। पंचायत ने सरकार, प्रशासन और संबंधित विभागों से किसानों के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता कर न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ग्राम मोहना स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के प्रांगण में रविवार को यमुना से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में मोहना, मोहियापुर, छांयसा सहित आसपास के गांवों के किसानों ने यमुना और प्रस्तावित बांध के बीच आने वाली भूमि, बांध निर्माण कार्य तथा 31 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक दोबारा खोले जा रहे आई एमटी भूमि रजिस्ट्रेशन पोर्टल को लेकर विस्तार से चर्चा की।
पंचायत में सर्वसम्मति से दादा रणजीत सिंह को अध्यक्ष चुना गया। किसानों ने निर्णय लिया कि जब तक यमुना प्रभावित भूमि और बांध के बीच आने वाली जमीन से जुड़े मामलों का स्पष्ट, लिखित और स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक बांध निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा। साथ ही किसी भी किसान द्वारा आईएमटी के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करने का भी फैसला लिया गया।
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किसानों ने गांव-गांव चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक करने और ऑटो पर लाउडस्पीकर के माध्यम से अभियान चलाने का निर्णय भी लिया। पंचायत में सरकार द्वारा पूर्व में आईएमटी में स्थानीय किसानों और युवाओं को रोजगार देने के दावों पर भी सवाल उठाए। किसानों का कहना था कि रोजगार के अधिकांश वादे धरातल पर पूरे नहीं हुए हैं।
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पंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि उनकी पैतृक जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है और वे इसे अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य स्थानों पर विकसित आईएमटी क्षेत्रों में भूमि की कीमत लाखों रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुकी है, जबकि यहां बिना स्पष्ट दर तय किए भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया जा रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। पंचायत ने सरकार, प्रशासन और संबंधित विभागों से किसानों के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता कर न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान निकालने की मांग की।