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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी की सेवाएं बंद
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फरीदाबाद। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। यहां केवल स्त्री रोग विभाग, बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। प्लान ऑपरेशन (नियोजित ऑपरेशन जैसे घुटने, आंख के ऑपेरशन) को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। अब केवल इमरजेंसी ऑपरेशन व सेवाएं जारी रहेंगी।
एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को साल 2020 में कोरोना का प्रभाव बढ़ने पर सरकार द्वारा कोविड अस्पताल घोषित किया गया था। इस साढ़े पांच सौ बेड के अस्पताल में करीब सौ बेड मरीजों की संख्या को देखते हुए बढ़ाए गए, जिससे कि कोरोना के मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की संख्या कम न पड़े। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है उन्हें यहां भर्ती कराया जाता है। अब कोरोना के दूसरे फेज में संक्रमण तेजी से फैलने और मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण उपायुक्त यशपाल यादव ने ईएसआईसी प्रबंधन को मेडिकल कॉलेज में बेड उपलब्ध कराने और मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में बाल रोग, स्त्री रोग की ओपीडी और इमरजेंसी को छोड़कर सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे कि ओपीडी वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की देखभाल के लिए लगाया जा सके।
कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे कि ओपीडी के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना मरीजों की देखभाल में लगाया जा सके।
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- डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल
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एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को साल 2020 में कोरोना का प्रभाव बढ़ने पर सरकार द्वारा कोविड अस्पताल घोषित किया गया था। इस साढ़े पांच सौ बेड के अस्पताल में करीब सौ बेड मरीजों की संख्या को देखते हुए बढ़ाए गए, जिससे कि कोरोना के मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की संख्या कम न पड़े। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है उन्हें यहां भर्ती कराया जाता है। अब कोरोना के दूसरे फेज में संक्रमण तेजी से फैलने और मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण उपायुक्त यशपाल यादव ने ईएसआईसी प्रबंधन को मेडिकल कॉलेज में बेड उपलब्ध कराने और मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में बाल रोग, स्त्री रोग की ओपीडी और इमरजेंसी को छोड़कर सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे कि ओपीडी वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की देखभाल के लिए लगाया जा सके।
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कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे कि ओपीडी के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना मरीजों की देखभाल में लगाया जा सके।
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- डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल