फरीदाबाद में ओमिक्रॉन ने दी दस्तक: कनाडा से आई युवती संक्रमित, मां-मौसी समेत आठ लोगों के लिए गए हैं नमूने
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि ग्रीन फील्ड कॉलोनी की रहने वाली युवती कनाडा से 13 दिसंबर को भारत आई है। वह वहां पढ़ाई करती है। मॉर्डना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुकी है।
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फरीदाबाद में ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को कनाडा से लौटी 24 वर्षीय युवती में नए वैरिएंट पुष्टि की। उसको एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं, उसके संपर्क में आई मां और मौसी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं।
आशंका है कि दोनों भी ओमिक्रॉन से संक्रमित हो सकती हैं। विभाग को उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट आने का इंतजार है। फिलहाल उनको होम आइसोलेशन में रखा गया है। वैरिएंट का एक मामला आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
बीके अस्पताल परिसर में बनाए गए 96 बेड के अस्थायी अस्पताल को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। इनमें 20 वेंटिलेटर बेड तैयार कर लिए गए हैं। प्रधान सचिव डॉ. अनिल मलिक ने भी सिविल अस्पताल बीके का दौरा किया। उन्होंने अस्थाई अस्पताल की सुविधाओं की जांच की। वहीं, अस्पताल परिसर में बिना मास्क के घूमने वालों के पुलिस की मदद से चालान काटे गए।
मॉर्डना वैक्सीन की दोनों डोज लगी थी युवती
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि ग्रीन फील्ड कॉलोनी की रहने वाली युवती कनाडा से 13 दिसंबर को भारत आई है। वह वहां पढ़ाई करती है। मॉर्डना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुकी है। पहली डोज अप्रैल में और दूसरी 25 जून को ली थी। भारत लौटने पर 16 दिसंबर को उसका सैंपल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए भेजा गया था। जहां रिपोर्ट में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया युवती की मां और मौसी में भी कोविड के लक्षण मिले हैं। उनमें सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
चार लोगों में कोरोना की पुष्टि, एक बांग्लादेशी भी शामिल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को कोरोना के चार नए मामले आए हैं। यह सेक्टर-89, इरोज गार्डन और सेक्टर-15 से है। एक अन्य मरीज बांग्लादेश से यहां किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आया है। उसका निजी अस्पताल में इलाज जारी है। अब तक चार बांग्लादेशी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
ओमिक्रॉन पीड़ितों के लिए 72 बेड आरक्षित
बीके अस्पताल परिसर में अस्थायी रूप से बनाए गए अस्पताल के 72 बेड ओमिक्रॉन मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। एक प्रकार से इस अस्पताल को कोविड अस्पताल बना दिया गया है। बीके अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि इन सभी बेड पर ऑक्सीजन आपूर्ति की भी व्यवस्था है। आरक्षित बेड में से 20 पर वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है।
मरीजों के लिए 43 वेंटिलेटर
डॉ. सविता यादव ने बताया कि बीके अस्पताल के पास 43 वेंटिलेटर हैं। इसमें द्वितीय तल पर 18 बेड के तीन आईसीयू वार्ड बनाए गए हैं। इन सभी बेड पर वेंटिलेटर लगाए गए हैं। वहीं दो वेंटिलेटर एचडीयू, दो नर्सरी और चार इमरजेंसी में भी हैं। उन्होंने बताया अस्थायी अस्पताल में 72 बेड ओमिक्रान मरीजों के लिए आरक्षित होने के बाद शेष बचे 24 बेड मेडीसिन के मरीजों के लिए रखे हैं। इनमें बुखार, निमोनिया, टायफाइड सहित अन्य बीमारियों के मरीज रखे जाएंगे।
ऑक्सीजन की व्यवस्था
पीएमओ डॉ. सविता यादव ने बताया कि बीके अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। परिसर में 200 और 1000 लीटर प्रति मिनट आक्सीजन उत्पादन करने वाले दो प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 160 डी-टाइप (47 लीटर) और 270 बी-टाइप (10 लीटर) आक्सीजन सिलेंडर हैं। विभिन्न क्षमता वाली 128 आक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं।