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अब तेज हवा के चलने का इंतजार तभी मिलेगी राहत, फरीदाबाद में एक्यूआई 460 दर्ज
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प्रदूषण की रोकथाम के लिए पेड़ों पर पानी का छिड़काव करते दमकलकर्मी ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। पटाखे-पराली का धुआं, धूल एवं कोहरे की ने जिले की 24 लाख आबादी की जान संकट में ला दी है। दिवाली बाद से लगातार आसमान में स्मॉग की चादर छाई है। इससे अब निजात के लिए सरकार संग विभागों को तेज हवा चलने का इंतजार है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो तीन-चार दिन बाद उत्तर-पश्चिमी हवा की गति बढ़ सकती है। तभी छाया यह स्मॉग छटेगा और औद्योगिक नगरी को प्रदूषण से राहत मिलेगी। लिहाजा तब तक इस दमधोटू वातावरण में जीना होगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे फरीदाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 460 दर्ज किया गया। जबकि बल्लभगढ़ में यह यह एक्यूआई 445 के आसपास रहा। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक इस हवा की गुणवत्ता को गंभीर मानते हैं। इस दौरान जिले के हर उम्र के लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सक अधिकारी विनय गुप्ता ने बताया कि इस समय लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। सुबह के समय सैर करने से परहेज करें। साथ ही धूम्रपान से दूर रहें। नहीं तो स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंच सकता है।
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि दिवाली पर छोड़े गए पटाखों के धुएं, पराली के धुएं और धूल वातावरण में घुल गई है। इसके अलावा अब शाम होते ही कोहरे भी पड़ने लगे हैं। चूंकि मौजूदा समय में वातावरण में नमी भी ज्यादा है। साथ ही हवा की रफ्तार अनुमान से कम लगभग दो से पांच किलोमीटर प्रति घंटे से चल रही है। ऐसे में धुएं और धूल और कोहरे की चादर बनकर आसमान में जम गई है। हवा की रफ्तार बढ़ने से ही इसमें सुधार आने की संभावना है। विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया अगले हफ्ते हवा की रफ्तार तेज हो सकती है। तीन-चार दिन बाद उत्तर-पश्चिमी हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा हो सकती है। इसके बाद ही वातावरण में छाया स्मॉग छट सकता है और मौसम साफ रह सकता है। हालांकि इससे सुबह और रात में ठंड बढ़ेगी। लेकिन लोगों को प्रदूषण से राहत जरूर मिल सकती है।
समय पर चेत जाते तो नहीं बढ़ता प्रदूषण
प्रदूषण की रोकथाम के लिए पिछले महीने ही सीपीसीबी ने निर्देश जारी किए थे। लेकिन नगर निगम संग संबंधित अधिकांश विभाग का प्रयास बस कागजों पर ही सीमित रहा। सड़क पर इसको लेकर कुछ नहीं किया गया। नगर निगम ने न तो समय पर सड़क किनारे जमी धूल को हटाया और न ही पानी का छिड़काव किया। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) बस संबंधित विभागों से प्रदूषण को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील करती रही। नतीजा, प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी सिर से ऊपर जाने के बाद निगम अधिकारी जगह-जगह सड़क किनारे जमी धूल व सड़कों पर पानी का छिड़काव कर वाहवाही लूट रही है।
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हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि दिवाली पर छोड़े गए पटाखों के धुएं, पराली के धुएं और धूल वातावरण में घुल गई है। इसके अलावा अब शाम होते ही कोहरे भी पड़ने लगे हैं। चूंकि मौजूदा समय में वातावरण में नमी भी ज्यादा है। साथ ही हवा की रफ्तार अनुमान से कम लगभग दो से पांच किलोमीटर प्रति घंटे से चल रही है। ऐसे में धुएं और धूल और कोहरे की चादर बनकर आसमान में जम गई है। हवा की रफ्तार बढ़ने से ही इसमें सुधार आने की संभावना है। विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया अगले हफ्ते हवा की रफ्तार तेज हो सकती है। तीन-चार दिन बाद उत्तर-पश्चिमी हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा हो सकती है। इसके बाद ही वातावरण में छाया स्मॉग छट सकता है और मौसम साफ रह सकता है। हालांकि इससे सुबह और रात में ठंड बढ़ेगी। लेकिन लोगों को प्रदूषण से राहत जरूर मिल सकती है।
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समय पर चेत जाते तो नहीं बढ़ता प्रदूषण
प्रदूषण की रोकथाम के लिए पिछले महीने ही सीपीसीबी ने निर्देश जारी किए थे। लेकिन नगर निगम संग संबंधित अधिकांश विभाग का प्रयास बस कागजों पर ही सीमित रहा। सड़क पर इसको लेकर कुछ नहीं किया गया। नगर निगम ने न तो समय पर सड़क किनारे जमी धूल को हटाया और न ही पानी का छिड़काव किया। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) बस संबंधित विभागों से प्रदूषण को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील करती रही। नतीजा, प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी सिर से ऊपर जाने के बाद निगम अधिकारी जगह-जगह सड़क किनारे जमी धूल व सड़कों पर पानी का छिड़काव कर वाहवाही लूट रही है।
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