फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Now strict action will be taken against those burning crop residue, FIR will be lodged along with fine.

Faridabad News: फसल अवशेष जलाने वालों पर अब सख्ती, जुर्माने के साथ होगी एफआईआर

Fri, 12 Dec 2025 12:34 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:34 AM IST
विज्ञापन
Now strict action will be taken against those burning crop residue, FIR will be lodged along with fine.
अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश, किसानों को जागरूक करने के लिए लगेंगे कैंप
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिले में आगामी गेहूं कटाई सीजन के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सख्त कार्रवाई लागू की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को अभी से अलर्ट रहने और किसानों को जागरूक करने के लिए कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर को संयुक्त निदेशक (कृषि अभियंत्रण) हरियाणा, पंचकूला की अध्यक्षता में सभी सहायक कृषि अभियंताओं की बैठक हुई थी, जिसमें आगामी सीजन में आगजनी पर पूर्ण रोक लगाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
विज्ञापन

संयुक्त निदेशक (कृषि अभियंत्रण) इंजीनियर जगमिंदर नैन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान गेहूं के फानों (नरवाई) में आग लगाता पाया गया तो उसके खिलाफ 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही एफआईआर और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी, जिसके बाद संबंधित किसान दो वर्ष तक अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि जिले में इस बार लगभग 24,600 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है, जिससे करीब 1,23,000 मीट्रिक टन फसल अवशेष निकलने का अनुमान है। अधिकांश किसान स्ट्रॉ रीपर मशीन से तुड़ी तैयार करके उसे पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करते हैं, जो पोषक माना जाता है। लेकिन कई किसान तूड़ी निकालने के बाद खेतों की मेडों पर बचे अवशेषों में आग लगा देते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है और आगजनी से जान-माल के नुकसान की आशंका रहती है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर आय बढ़ाने की अपील की।




सहायक कृषि अभियंता इंजीनियर राकेश कुमार ने बताया कि किसानों को अवशेष प्रबंधन और आगजनी से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। गांव-गांव जाकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed